उच्च शिक्षा और विकसित भारत: मुख्यमंत्री धामी की दृष्टि
उच्च शिक्षा और विकसित भारत: मुख्यमंत्री धामी की दृष्टि
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मुख्य धुरी बताया है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में कहा कि उच्च शिक्षा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने यह वाक्य शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहे। उनका मानना है कि शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उच्च शिक्षा की भूमिका
धामी ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा केवल एक डिग्री पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे समाज का निर्माण करने में मदद करती है जो विविधता के साथ-साथ समृद्धि और विकास को भी बढ़ावा देता है। भारत के युवा प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए उच्च शिक्षा में आधुनिकरण और गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने समझाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार, शिक्षा को रोचक और उपयोगी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इससे न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि विद्यार्थियों की सोचने-समझने की क्षमता भी बढ़ेगी।
संशोधक और नवाचार
धामी ने जोर देकर कहा कि भारत के युवा शोध और नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक मजबूत शोध पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने से नए विचारों को जन्म दिया जा सकता है, जो न केवल देश के विकास में सहायक होंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को भी मजबूत करेंगे।
कौशल विकास और रोजगार
इस बात पर भी जोर दिया गया कि कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को योग्य बनाना जरूरी है, ताकि वे रोजगार के अवसरों को पकड़ सकें। छात्रों को व्यावहारिक और तकनीकी कौशल सिखाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा जो उन्हें नई चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री धामी की इस दृष्टि से स्पष्ट है कि उच्च शिक्षा केवल बुनियादी शिक्षा नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि हम अपने युवाओं को सही तरीके से शिक्षित और प्रशिक्षित करें, तो भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि हमें शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता देनी होगी और इसके विकास में निवेश करना चाहिए। शिक्षा का सही उपयोग ही हमें आत्मनिर्भरता और विकास की ओर ले जाएगा।
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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
साक्षी शर्मा
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