उत्तराखंड सरकार ने 2008-2018 तक 10 वर्षों के सेवा अवधि वाले कार्यकर्ताओं को नियमित करने का दिया आश्वासन

Dec 11, 2025 - 16:30
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उत्तराखंड सरकार ने 2008-2018 तक 10 वर्षों के सेवा अवधि वाले कार्यकर्ताओं को नियमित करने का दिया आश्वासन
उत्तराखंड सरकार ने 2008-2018 तक 10 वर्षों के सेवा अवधि वाले कार्यकर्ताओं को नियमित करने का दिया आश्वासन

उत्तराखंड सरकार ने 2008-2018 तक 10 वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मियों के नियमितीकरण का दिया आश्वासन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने 2008 से 2018 तक 10 वर्षों तक सेवा देने वाले कार्यकर्ताओं के नियमितीकरण का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने नई नियमावली को मंजूरी दे दी है, जिससे इन कर्मियों को नियमित किया जा सकेगा।

उत्तराखंड राज्य में संविदा, दैनिक वेतन, और तदर्थ रूप से कार्यरत कर्मियों के लिए अच्छी खबर आई है। उत्तराखंड सरकार ने उन कर्मियों को नियमित करने का निर्णय लिया है जिन्होंने 2008 से 2018 तक 10 वर्ष की सेवा अवधि को पूरा किया है। यह निर्णय 2013 की पुरानी नियमावली को निरस्त करके और 2025 की नए नियमावली को लागू करके लिया गया है, जिसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

ज्ञापन का उद्देश्य और नगर आयुक्त का आश्वासन

इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चे द्वारा नगर आयुक्त महोदय को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से मिली। मोर्चे के नेताओं ने नगर आयुक्त से मांग की कि जल्दी से जल्दी उन कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए जो शासकीय गाइडलाइन के अनुसार नियमितीकरण नियमावली के अंतर्गत आते हैं। नगर आयुक्त महोदय ने इस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

धन उगाही का मामला और कर्मचारियों की सुरक्षा

हालांकि, मोर्च के नेताओं ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग कर्मियों को भ्रमित कर नियमितीकरण के नाम पर धन उगाही करने की कोशिश कर रहे हैं। मोर्च के नेताओं ने कर्मचारियों से आग्रह किया है कि उन्हें किसी भी व्यक्ति को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जिनकी कार्य अवधि 10 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें स्वयं नगर निगम आयुक्त द्वारा नियमित किया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों की सूची

ज्ञापन देने वालों में मोर्च के नेता सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, टंकार कौशल, प्रवीण तेश्वर, आत्माराम, रामचंद्र ड्राइवर स्टाफ, मनोज लाईन स्टाफ, कुलदीप कांगड़ा, प्रवीण कुमार, मनोज छाछर, काजल, सुमित पेवल, अमित कुमार, साहिल, सुमित, भारत, रामपाल, सुनीता, जुगनू कांगड़ा, संजय पीवाल, उमेश, जादअली, ललित अरोड़ा, सलीम अहमद, भूषण कुमार, प्रमोद, कलू खान, दिगंबर सिंह बिष्ट, सुनील दत्त, अमीर हसन, सुनील कुमार, सुभाष और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

निष्कर्ष

यह निर्णय शुभ संकेत है और नियमितीकरण के लिए लंबे समय से प्रतीक्षारत कर्मियों के लिए राहत लेकर आया है। प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम का समस्त कर्मियों द्वारा स्वागत किया जा रहा है और अब आशा है कि जल्द ही उनकी सेवाओं को नियमित किया जाएगा। इसके साथ ही, कर्मियों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की गलतफहमी में न पड़ें।

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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया - प्रियंका जोशी

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