उत्तराखंड: सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई के बाद मचा बवाल, कड़ी प्रतिक्रिया से तनाव जारी

Jul 30, 2026 - 16:30
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उत्तराखंड: सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई के बाद मचा बवाल, कड़ी प्रतिक्रिया से तनाव जारी
उत्तराखंड: सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई के बाद मचा बवाल, कड़ी प्रतिक्रिया से तनाव जारी

उत्तराखंड: सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई के बाद मचा बवाल

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कम शब्दों में कहें तो, सितारगंज तहसील में ₹14 हजार की कथित रिश्वत मामले में विजिलेंस की कार्रवाई ने कर्मचारी संगठनों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। विरोध के चलते रातभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिससे प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार के ऐलान से राजस्व सेवाओं पर संकट के बादल छा गए हैं।

विजिलेंस की सख्त कार्रवाई

सितारगंज तहसील में विजिलेंस द्वारा की गई कार्रवाई ने स्थानीय कर्मचारी संगठनों में भारी असंतोष उत्पन्न किया है। मामले की जड़ में एक कानूनी प्रावधान है, जिसने नियमों के खिलाफ यह कार्रवाई संभव बनायी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ₹14 हजार की भ्रष्टाचार की एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें कुछ सरकारी कर्मचारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने बिना किसी कानूनी आधार के पैसे लिए।

कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद से विभिन्न कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं और इस अस्वीकार्य कार्रवाई के खिलाफ विरोध करना शुरू कर दिया है। कर्मचारी संगठनों के नेता मौके पर उपस्थित रहकर कर्मचारियों को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

रातभर का तनावपूर्ण माहौल

विरोध प्रदर्शनों के चलते सितारगंज तहसील में रातभर तनाव बना रहा। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के प्रयास किए लेकिन प्रदर्शनकारी अपने स्थान पर डटे रहे। इसकी वजह से प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी। इस बीच, यह भी चिंता बनी हुई है कि यदि कार्य बहिष्कार का सचमुच आगाज़ हुआ, तो इससे राजस्व सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

प्रदेश में कार्य बहिष्कार का खतरा

उच्च अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारी कड़े रुख में बने रहते हैं, तो इससे सभी राजस्व सेवाओं में ठहराव आ सकता है। इससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि राजस्व विभाग राज्य के वित्तीय तंत्र का मुख्य स्तম্ভ माना जाता है।

निष्कर्ष

यह स्थिति न केवल सितारगंज तहसील के लिए बल्कि उत्तराखंड राज्य के लिए भी चिंताजनक है। कर्मचारियों का गुस्सा और प्रशासनिक नीतियों का टकराव किसी भी समय एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। सभी की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकर ठोस समाधान निकाल सकेगा या नहीं।

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टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया

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