उत्तराखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने आंदोलनकारियों को किया सम्मान, पेंशन बढ़ाने की घोषणा

Nov 8, 2025 - 16:30
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उत्तराखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने आंदोलनकारियों को किया सम्मान, पेंशन बढ़ाने की घोषणा
उत्तराखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने आंदोलनकारियों को किया सम्मान, पेंशन बढ़ाने की घोषणा

मुख्यमंत्री धामी की पहल: आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि और सम्मान समारोह

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी और उनकी पेंशन बढ़ाने का ऐलान किया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस का महत्व

उत्तराखंड राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी, और इस वर्ष हम इसकी रजत जयंती मना रहे हैं। यह दिन न केवल राज्य के विकास को प्रदर्शित करता है, बल्कि उन सभी आंदोलनकारियों की कुर्बानियों को भी याद करता है जिन्होंने राज्य के गठन के लिए संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री का श्रद्धांजलि समारोह

शनिवार को, मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून स्थित कचहरी परिसर शहीद स्थल पर आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना उन संघर्षों के परिणामस्वरूप हुई है जो इंसान की संप्रभुता और अधिकारों के लिए लड़े थे।

राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान समारोह

इसके बाद, मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित एक समारोह में शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए जिन्होंने अपनी जान दी, उनके प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें उचित सम्मान दें।

पेंशन में वृद्धि का ऐलान

धामी ने इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी पेंशन में वृद्धि करने की घोषणा भी की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पेंशन केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आंदोलनकारियों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि भी है। यह कदम उनके संघर्षों की कद्र करने का प्रतीक है।

राज्य की भविष्य की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार आंदोलनों के पीछे की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है और विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने युवाओं को प्रदेश की भलाई में भागीदार बनने का आह्वान किया।

जैसे-जैसे राज्यों का विकास होता है, हमें उन लोगों को कभी नहीं भूलना चाहिए जिन्होंने इसके लिए जंग लड़ी। यह एक महत्वपूर्ण मौका है जहां हम उत्तराखंड के इतिहास को भी समझ सकते हैं और यह जान सकते हैं कि कैसे हमारे आंदोलनकारियों ने राज्य को अस्तित्व में लाने में अहम भूमिका निभाई।

इस समारोह ने सभी उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि असली शक्ति जनता में है और परिवर्तन के लिए निरंतर संघर्ष आवश्यक है।

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सादर, टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया | प्रियंका रस्तोगी

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