काली कुमाऊँ की होली: समृद्ध लोकसंस्कृति और हमारी सांस्कृतिक पहचान - मुख्यमंत्री

Feb 28, 2026 - 08:30
 143  501.9k
काली कुमाऊँ की होली: समृद्ध लोकसंस्कृति और हमारी सांस्कृतिक पहचान - मुख्यमंत्री

काली कुमाऊँ की होली: समृद्ध लोकसंस्कृति और हमारी सांस्कृतिक पहचान - मुख्यमंत्री

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Discovery Of The India

कम शब्दों में कहें तो, लोहाघाट में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव ने सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक खुशियों का अनूठा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति ने इस महोत्सव को और भी खास बना दिया।

मुख्यमंत्री का उत्सव में सहभागिता

लोहाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमुदाय के साथ मिलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कुमाऊँनी होली के साथ-साथ शास्त्रीय होली गायन में भी भाग लिया। उनकी इस सहभागिता ने इस महोत्सव की गरिमा में चार चांद लगाते हुए सभी दर्शकों का दिल जीत लिया।

संस्कृति और परंपरा का संगम

कुमाऊँ क्षेत्र की होली, इसकी समृद्ध लोकपरंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हमारी लोकसंस्कृति दर्शाती है कि किस प्रकार ये उत्सव हमें जोड़ते हैं और हमारे सामाजिक बंधनों को मजबूत करते हैं। कुमाऊँनी होली में रंग, संगीत और नृत्य का अनूठा मेल होता है, जो सभी को उत्साहित करता है।

जनमानस का उत्साह

इस महोत्सव में भाग लेने आए हजारों जनसमुदाय ने मिलकर होली के रंगों में डूबकर यह दर्शाया कि हम सब एक समान हैं। इस ऐतिहासिक उत्सव ने न केवल पारंपरिक कुमाऊँनी होली का सम्मान बढ़ाया, बल्कि यह युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री की बातें

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "काली कुमाऊँ की होली हमारी समृद्ध लोकपरंपरा और सांस्कृतिक पहचान का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह हमें याद दिलाती है कि हम जिस धरती पर हैं, उसकी संस्कृति को संरक्षित रखना और उसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।" यह संवाद सुनकर जनता ने तालियों से उनकी बातों का स्वागत किया।

निष्कर्ष

काली कुमाऊँ की होली रंग महोत्सव ने न केवल संस्कृति और परंपरा को जीवित किया, बल्कि यह हमारे साझा सामाजिक बंधनों को भी मजबूत किया है। ऐसे उत्सव सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, जो हमें हमारी जड़ों से जुड़े रहने की याद दिलाते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

हमारे इस उत्सव की रिपोर्टिंग के लिए, यह लेख प्रस्तुत किया गया है।

टीम Discovery Of India - साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0