दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर की एंट्री ठहराई गई
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर की एंट्री ठहराई गई
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Discovery Of The India
कम शब्दों में कहें तो, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर जैसे धीमे वाहनों की आवाजाही पर सख्त मनाही लगा दी गई है। यह निर्णय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
उत्तराखंड में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के संबंध में नया अपडेट सामने आया है। इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अब केवल भारी और मध्यम वाहनों की चलने की अनुमति है। बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर की एंट्री पूरी तरह से बैन है। इसके साथ ही, यहाँ स्पीड लिमिट भी निर्धारित की गई है।
किस कारण से प्रतिबंध लगाया गया?
एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण ऐसा किया गया है कि अगर धीमी गति के वाहन चलते हैं, तो इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। पहले भी, खेकड़ा-अक्षरधाम एलिवेटेड हाईवे पर इसी तरह के क्रम में दुपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री को निषिद्ध किया गया था।
वाहनों पर प्रतिबंध की विस्तृत जानकारी
हाल ही में एनएचएआई ने खेकड़ा से मवीकलां और आगे अक्षरधाम तक बने एलिवेटेड हाईवे पर दुपहिया वाहनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि और यातायात) अधिनियम 2002 की धारा 35 के अंतर्गत लिया गया है।
वाहन चालकों को नया झटका
अब एनएचएआई ने मवीकलां से देहरादून तक बाइक, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टरों के लिए नई पाबंदियाँ लागू की हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित वाहनों को हाईवे पर पाया गया, तो उनके चालान काटे जाएंगे, और पुलिस द्वारा वाहनों को सीज भी किया जा सकता है।
स्पीड लिमिट और ट्रैफिक नियम
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गाड़ियों के लिए स्पीड लिमिट भी निर्धारित की गई है। यात्रियों के लिए कार का स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रति घंटा और ट्रकों का स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय किया गया है। यदि कोई वाहन इन स्पीड लिमिट को पार करता है, तो उनका चालान स्वचालित रूप से वैकल्पिक स्पीड डिटेक्शन सिस्टम द्वारा काट दिया जाएगा।
इमरजेंसी प्रबंधन के लिए सुरक्षा इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर उनके ऊपर से गुजरता है, तो पायलट को तुरंत कॉरिडोर की जानकारी मिल जाएगी। इमरजेंसी प्रबंधन के लिए यहां विशेष रडार लगाए गए हैं। बागपत क्षेत्र में 27 पीटी जेड, बीएसडीएस 24, 24 बीडीओ इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम और 4 बीएमएस कैमरे तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा, अगर कोई ड्राइवर सीट बेल्ट नहीं लगाता या अगर कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके चालान भी कैमरों के जरिए काटे जाएंगे। सुरक्षा के लिए एएनपीआर कैमरे और रडार बेस्ड वीएस डीएस सिस्टम भी लगाए गए हैं।
ध्यान दें कि इन नियमों का पालन करने से सड़क पर दुर्घटनाएँ कम होंगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट https://discoveryoftheindia.com पर जाएं।
सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
नंदिनी शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0