देहरादून: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक, दुर्गम क्षेत्रों में शीघ्र कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण निर्णय
देहरादून: राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक में मुख्य सचिव का महिला पंचायत भवनों में कनेक्टिविटी पर जोर
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक में दुर्गम क्षेत्रों में शीघ्र कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पंचायत भवनों में भारतनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और कॉल ड्रاپ ब्लैक स्पॉट सुधार के लिए नयी दिशा निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव का उद्देश्य
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने इस बैठक में पंचायत भवनों में भारतनेट कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित किया। उनका मानना है कि इंटरनेट की कनेक्टिविटी को मजबूत करना राज्य की विकासशील योजनाओं का एक अहम हिस्सा है। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ अभी भी उचित नेटवर्क की कमी है।
कॉल ड्रॉप और नेटवर्क सैचुरेशन की समस्याएँ
बैठक में कॉल ड्रॉप ब्लैक स्पॉट सुधार और नेटवर्क सैचुरेशन के संबंध में भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि सैचुरेशन की समस्या दूर करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाएगी, जो तकनीकी उपायों की समीक्षा करेगी। इससे लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का अनुभव मिलेगा और संवाद साधन में सुधार होगा।
दुर्गम क्षेत्रों में योजनाएँ
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार दुर्गम क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ तैयार कर रही है। इसमें सस्ते दरों पर इंटरनेट सेवाएँ उपलब्ध करना और स्थानिक पंचायतों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना शामिल है।
भविष्य की दिशा
इस पहल का लक्ष्य न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करना है, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास को गति देना है। यह कदम भारत की परिवर्तनशील डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
इससे पहले भी, विभिन्न स्तरों पर डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन यह नया प्रयास इसे एक नई गति देगा। राज्य सरकार की योजना है कि वह पंचायत भवनों में फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क स्थापित करके ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं का विस्तार करे।
इसके अलावा, मुख्य सचिव ने यह भी सुनिश्चित किया कि आने वाले समय में दुर्गम और दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे डिजिटल युग के लाभ को उठा सकें।
जैसा कि हम देखते हैं, इंटरनेट की कनेक्टिविटी सिर्फ संचार का साधन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, व्यापार, और गाँठों के लिए भी आवश्यक है। अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
ज्ञानेन्द्र कुमारी
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