बागेश्वर में बारिश में श्रीकृष्ण का डोला: उत्सव और मटका फोड़ का आनंद
बारिश के बीच बागेश्वर में निकला श्रीकृष्ण का डोला, जगह-जगह फोड़े मटके
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित डोला भ्रमण कार्यक्रम ने भारी बारिश में भी भक्तों का उत्साह कम नहीं होने दिया।
बागेश्वर। शनिवार को बागेश्वर नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर डोला भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम और श्रद्धा के साथ किया गया। इस अवसर पर भारी बारिश की मौजूदगी के बावजूद श्रद्धालुओं और युवा भक्तों ने उत्साह और श्रद्धा से भरपूर भाग लिया। नगर के विभिन्न स्थानों पर डोला पहुंचने पर मटका फोड़ने के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें युवाओं ने अपनी भागीदारी दिखाई। इस उत्सव के चलते पूरे नगर में जीवंतता और उल्लास का माहौल व्याप्त था।
उत्सव की धूमधाम और तैयारी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पूरे दिन नगर में उत्सव का माहौल बना रहा। सुबह से ही श्रद्धालु सजे-धजे होकर डोले का इंतज़ार कर रहे थे। डोला जब विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से गुजरा, तो वहां उपस्थित भक्तों ने उसे देखने के लिए अपने-अपने स्थानों से बढ़-चढ़कर भाग लिया।
डोले के साथ विभिन्न पारंपरिक नृत्य और गीत-संगीत का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया। बारिश के बादल भी जैसे इस एवं श्रद्धा के पर्व में बाधा डालने के लिए खड़े थे, लेकिन भक्तों की आत्मा में उत्साह की लहर ने उन्हें पीछे छोड़ दिया।
मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर युवा वर्ग के लिए मटका फोड़ का कार्यक्रम हर साल देखा जाता है। इस बार भी कई स्थानों पर इस परंपरा का पालन किया गया। जब डोला किसी स्थान पर पहुंचता था, तो वहां मटकें फोडने का कार्यक्रम शुरू हो जाता था। इसमें भाग लेने के लिए युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नेशनल गाइडलाइन का पालन करते हुए उत्साह के साथ मटकें फोडी।
डोले के इर्द-गिर्द ताली बजाते, गाते-सुनाते युवा इस पर्व की जीवंतता को दर्शाते हुए देखने को मिले। मटका फोड़ने के लिए युवाओं का क्रेज देखने लायक था, और उन्होंने टोकरे के माध्यम से मटकें तोड़कर पुरस्कार भी जीते।
निष्कर्ष
इस प्रकार, बारिश के बावजूद बागेश्वर में श्रीकृष्ण का डोला-भ्रमण और मटका फोड़ कार्यकम ने न केवल समुदाय में एकता और उत्साह को प्रकट किया, बल्कि प्यार और भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि बाधाएं कभी भी विश्वास और प्रेम को कम नहीं कर सकती हैं।
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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
अंजलि शर्मा
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