चंडी देवी मंदिर विवाद: महंत रोहित गिरी का भवानी नंदन गिरी पर आरोप
चंडी देवी मंदिर, हरिद्वार के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, ऐसे में महंत पद को लेकर विवाद सही नहीं
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कम शब्दों में कहें तो, चंडी देवी मंदिर विवाद ने नया मोड़ लिया है जहां महंत रोहित गिरी ने भवानी नंदन गिरी को फर्जी महंत घोषित करने का आरोप लगाया है।
अशोक गिरी, हरिद्वार: चंडी देवी मंदिर से जुड़े विवाद ने हाल में गंभीर रूप धारण कर लिया है। मन्दिर के वर्तमान महंत रोहित गिरी महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा है कि भवानी नंदन गिरी न तो महंत हैं और न ही चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी। इसके बावजूद, वे खुद को महंत भवानी नंदन गिरी बताकर समाज और मीडिया को भ्रमित कर रहे हैं।
भवानी नंदन का फर्जी महंत होना
महंत रोहित गिरी महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रस्ट और परंपरा के अनुसार, जब तक वर्तमान महंत जीवित हैं, तब तक किसी और को महंत घोषित नहीं किया जा सकता। चंडी देवी मंदिर में महंत की नियुक्ति केवल वर्तमान महंत की मृत्यु के बाद, उनकी तेरहवीं पर एवं दशनाम गोस्वामी समाज और संत समाज की उपस्थिति में की जाती है।
नियमों का उल्लंघन
महंत रोहित गिरी ने आरोप लगाया कि भवानी नंदन गिरी ने बिना किसी वैधता के खुद को महंत घोषित किया है, जो परंपरा एवं ट्रस्ट कानून का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि मीडिया को गलत जानकारी देने के लिए भवानी नंदन गिरी और गीतांजलि को जिम्मेदार ठहराया।
मीडिया को भ्रमित करने का आरोप
महंत रोहित गिरी ने कहा कि भवानी नंदन गिरी ने फेसबुक पेज बनाकर खुद को महंत बताते हुए मीडिया और समाज को गुमराह किया है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि कोई भी समाचार भवानी नंदन गिरी को महंत के रूप में न प्रस्तुत करे।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
महंत रोहित गिरी महाराज ने बताया कि भवानी नंदन गिरी के विरुद्ध कानूनी नोटिस भेजा जा रहा है, ताकि ट्रस्ट और धार्मिक परंपरा का दुरुपयोग न हो सके। उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से महंत होने का दावा करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
संपत्ति से बेदखली की प्रक्रिया
महंत रोहित गिरी ने यह भी स्पष्ट किया कि गीतांजलि और भवानी नंदन गिरी को उनकी चल-अचल संपत्तियों से कानूनी रूप से बेदखल किया जा रहा है। संपत्ति विवाद से संबंधित सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप की जा रही हैं।
धार्मिक समाज में चर्चा
चंडी देवी मंदिर जो कि हरिद्वार के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, ऐसे मामलों में धार्मिक समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है। महंत रोहित गिरी ने कहा है कि वे पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए फर्जी दावों पर रोक लगाने में जुटे हुए हैं और चंडी देवी मंदिर की परंपरा और गरिमा की रक्षा करेंगे।
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— Team Discovery Of India
राधिका शर्मा
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