देहरादून: बेटियों के सम्मान और लिंगानुपात सुधार पर DM का छात्रों से संवाद

Oct 15, 2026 - 00:30
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देहरादून: बेटियों के सम्मान और लिंगानुपात सुधार पर DM का छात्रों से संवाद
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देहरादून: बेटियों के सम्मान और लिंगानुपात सुधार पर DM का छात्रों से संवाद

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को लिंगानुपात सुधार और बेटियों के सम्मान के लिए जागरूक किया।

हाल ही में, देहरादून में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को एक महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट ( प्री-कोनसेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स अधिनियम) के प्रावधानों पर चर्चा की। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोकथाम करना और लिंगानुपात में सुधार करना है।

लिंगानुपात में सुधार की दिशा में जागरूकता

डॉ. चौहान ने इस अवसर पर बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारे समाज में बेटियों का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समाज में जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है।" उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि हर व्यक्ति को बेटियों के अधिकारों का समर्थन करना चाहिए ताकि वे सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी सकें।

ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरणा

इसके साथ ही, डॉ. चौहान ने युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि "आप सभी को अपने नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करना चाहिए।" उन्होंने युवाओं से निवेदन किया कि वे अपनी आवाज को उठाएं और समाज में परिवर्तन लाने में भाग लें।

एक सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता

इस प्रकार की जागरूकता सत्र न केवल विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग करती है, बल्कि देश में एक सकारात्मक बदलाव लाने में भी सहायक होती है। यह महत्वपूर्ण है कि भविष्य की पीढ़ी लिंग समानता के प्रति जागरूक हो और इसकी महत्ता को समझे।

युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या सरकारी संस्थानों की नहीं है, बल्कि हम सभी के कंधों पर है। BETI BACHAO BETI PADHAO जैसे अभियानों के माध्यम से सरकार ने इस दिशा में कदम उठाने की पहल की है, किंतु हमें इसे सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

समापन

इस जागरूकता सत्र ने स्पष्ट किया कि बेटियों का सम्मान करना और समाज में लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए हमें एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। हम सभी को चाहिए कि हम अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.

सादर, राधिका शर्मा
Team Discovery Of India

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