पूर्णागिरी मेले के लिए विशेष ट्रेन का संचालन, रेलवे ने जारी किया नया शेड्यूल

Mar 3, 2026 - 08:30
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पूर्णागिरी मेले के लिए विशेष ट्रेन का संचालन, रेलवे ने जारी किया नया शेड्यूल

पूर्णागिरी मेले के लिए विशेष ट्रेन का संचालन, रेलवे ने जारी किया नया शेड्यूल

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तर पूर्व रेलवे ने 6 मार्च से 30 जून तक पूर्णागिरी मेले के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन करने की योजना बनाई है। यह निर्णय मेले में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है।

पूर्णागिरी मेला: एक अनोखी धार्मिक यात्रा

पूर्णागिरी मेला उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक मेलों में से एक है। यह मेला उत्तराखंड के Tanakpur में स्थित मां पूर्णागिरी के मंदिर के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए आयोजित किया जाता है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो यहां मां के दर पर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। इस साल भी, लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद की जा रही है, जिससे रेलवे प्रशासन ने इस उत्सव को सुगम बनाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।

रेलवे का नया शेड्यूल

उत्तर पूर्व रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए समय सारिणी जारी की है। बरेली-टनकपुर और कासगंज-टनकपुर के रूट पर यह प्रमुख विशेष गाड़ियां चलाई जाएंगी। इस योजना के तहत, ट्रेनों की संख्या और आवृत्ति बढ़ाई जाएगी ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से समायोजित किया जा सके। शेड्यूल 6 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक संचालित होगा।

विशेष गाड़ियों के रूट और समय

बरेली-टनकपुर रूट पर, सुबह और शाम के समय में कई विशेष ट्रेनें चलेंगी, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी कठिनाई में यात्रा करने का अवसर प्राप्त होगा। इसके अलावा, कासगंज से टनकपुर जाने वाली गाड़ियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

इन विशेष ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाना और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और समय पर अपने टिकट बुक करें।

मेला की तैयारी: ओद्योगिकता और यात्रा व्यवस्था

पूर्णागिरी मेला केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। इसके चलते स्थानीय व्यवसायियों के लिए भी एक शानदार अवसर मिलता है। मेले के समय, स्थानीय बाजारों में विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, आभूषण और अन्य सामग्रियों की बिक्री होती है।

निष्कर्ष

पूर्णागिरी मेला न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि यह एक समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव भी प्रदान करता है। रेलवे की विशेष ट्रेनों के संचालन से श्रद्धालुओं को एक सरल और सफल यात्रा का अनुभव मिलेगा। लोगों को अपने धार्मिक कर्तव्यों का निर्वाह करने के लिए इस अद्भुत यात्रा का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।

मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम को ठीक से बनाएं और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। और अधिक अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट https://discoveryoftheindia.com पर जाएं।

Team Discovery Of India - साक्षी शर्मा

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