बच्चों की रचनात्मकता के माध्यम से ‘गिरगिट’ ने समाज के दोहरे चरित्र पर किया प्रहार

Sep 26, 2026 - 00:30
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बच्चों की रचनात्मकता के माध्यम से ‘गिरगिट’ ने समाज के दोहरे चरित्र पर किया प्रहार

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बच्चों की रचनात्मकता के माध्यम से ‘गिरगिट’ ने समाज के दोहरे चरित्र पर किया प्रहार

कम शब्दों में कहें तो, बुरांश फाउंडेशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय बाल नाट्य कार्यशाला का समापन फ्राइडे को हुआ, जिसमें बच्चों ने समाज के दोहरे चरित्र पर करारा व्यंग्य प्रस्तुत किया।

‘फरसाली पल्ली, बागेश्वर’ - बच्चों की रचनात्मक प्रतिभाओं को उजागर करने का उद्देश्य लेकर बुरांश फाउंडेशन ने एक अद्वितीय 10 दिवसीय बाल नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का समापन समारोह शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर, बच्चों ने नाटक, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की आकर्षण

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। नृत्य, गीत और नाटक ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि समाज की कई गूढ़ समस्याओं पर खुलकर चर्चा भी की। 'गिरगिट', जो कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक था, ने समाज के दोहरे चरित्र को व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाया।

मुख्य अतिथि की उपस्थिति

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य वंदना ऐठानी रहीं, जिन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि, "बच्चों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के लिए ऐसे मंच का होना बेहद जरूरी है। ये प्रतिभाएँ हमारे समाज का भविष्य हैं।"

शिक्षा का महत्व

इस तरह की कार्यशालाएँ केवल बच्चों की कलाओं को ही नहीं निखारतीं, बल्कि उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने का भी एक अनूठा मौका देती हैं। बुरांश फाउंडेशन का यह प्रयास बच्चों में आत्म-विश्वास और नेतृत्व की भावना को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस आयोजन के जरिए, बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से केवल प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि उन्होंने दर्शकों को समाज के समस्याओं पर सोचने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यशाला के आयोजकों ने इस सफलता के बाद भविष्य में और भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।

समापन विचार

बुराांश फाउंडेशन द्वारा इस कार्यशाला का आयोजन हमारे समाज में बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल बच्चों का विकास होगा, बल्कि समाज की समस्याओं पर भी विचार किया जा सकेगा।

इस प्रकार की गतिविधियाँ हमारे भविष्य की नींव बनाती हैं। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा ताकि हम एक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण बना सकें।

अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ: Discovery Of The India

धन्यवाद,
Team Discovery Of India
सरिता

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