बागेश्वर पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई ‘डिजिटल अरेस्ट’ की बड़ी साजिश, पीड़ित को बचाए ₹2 लाख

Jan 4, 2026 - 08:30
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बागेश्वर पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई ‘डिजिटल अरेस्ट’ की बड़ी साजिश, पीड़ित को बचाए ₹2 लाख
बागेश्वर पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई ‘डिजिटल अरेस्ट’ की बड़ी साजिश, पीड़ित को बचाए ₹2 लाख

बागेश्वर पुलिस की सावधानी से साइबर ठगी की योजना हुई असफल

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर पुलिस ने एक सफल ऑपरेशन में साइबर ठगों के एक बड़े मास्टर प्लान को नाकाम कर दिया, जिससे एक व्यक्ति को ₹2 लाख के संभावित नुकसान से बचाया जा सका।

बागेश्वर। पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके के मार्गदर्शन में, जनपद बागेश्वर की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपने ‘त्वरित रिस्पांस अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कपकोट थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को लगभग पांच घंटे तक चलने वाले ‘डिजिटल अरेस्ट’ से मुक्त कराया और इस तरह से साइबर ठगों की गिरफ में आने से बचा लिया। इस कार्रवाई से लगभग ₹2 लाख की ठगी होने से रोका जा सका।

कैसे हुई साइबर ठगी की योजना?

मिली जानकारी के अनुसार, ठगों ने एक व्यक्ति को फोन के जरिए संपर्क किया और उसे यह विश्वास दिलाया कि उसके बैंक खाते में कुछ समस्या है। ठगों ने उसे निर्देश दिए कि यदि वह अपनी धनराशि को सुरक्षित रखना चाहता है, तो उसे तत्काल कुछ जानकारियां साझा करनी होंगी। यह योजना पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित थी, जिसका उद्देश्य व्यक्ति की बैंक डिटेल्स चुराना था।

पुलिस ने अलर्ट होते ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी और पीड़ित को तुरंत मदद पहुंचाने का निर्णय लिया। यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप नहीं करती, तो यह व्यक्ति भारी वित्तीय नुकसान से बच नहीं पाता।

पुलिस की तत्परता

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस द्वारा फौरन की गई कार्रवाई ने ठगों की महत्वाकांक्षाओं को नाकाम कर दिया। इस अभियान में न केवल कपकोट पुलिस बल बल्कि स्थानीय संगठनों ने भी सक्रिय भाग लिया। पुलिस का त्वरित रिस्पांस एक सशक्त संदेश है कि साइबर अपराधियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।

पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके ने कहा, "हमारी प्राथमिकता है कि हम नागरिकों को सुरक्षित रखें और उन्हें साइबर अपराध के प्रति जागरूक करें। हम लगातार ऐसे अभियानों का संचालन कर रहे हैं ताकि हम नए तरीकों से ठगों को पकड़ सकें।"

साइबर अपराधों से बचने के टिप्स

विशेषज्ञों का कहना है कि लोग साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतें। यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:

  • अज्ञात कॉल करने वालों से अपनी बैंक एसीटीविटी पर चर्चा न करें।
  • कभी भी अपने बैंक की जानकारी, पासवर्ड और OTP साझा न करें।
  • बैंक से संबंधित कोई भी कॉल या संदेश संदिग्ध लगे तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।
  • साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लें।

इस घटना ने साबित कर दिया है कि सही प्रबंधन और अलर्टनेस से बड़ी से बड़ी साइबर ठगी को रोका जा सकता है। पुलिस की यह कार्रवाई एक प्रेरणादायक उदाहरण है जिससे अन्य जगहों पर भी लोग जागरूक हो सकते हैं।

निष्कर्ष

बागेश्वर पुलिस का यह कदम एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे सक्रियता और जिम्मेदारी से पुलिस अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हम सभी को इस प्रकार के स्मार्ट ठगों के खिलाफ सजग रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहना चाहिए। ऐसे में यह जरूरी है कि समाज के हर तबके को साइबर सुरक्षा की जानकारी हो।

साइबर अपराधों से बचने और अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं: Discovery Of The India

सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
(सुमन देवता)

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