मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले से उपजे भय के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में 12 जनवरी तक अवकाश

Jan 9, 2026 - 08:30
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मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले से उपजे भय के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में 12 जनवरी तक अवकाश
मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले से उपजे भय के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में 12 जनवरी तक अवकाश

मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले से उपजे भय के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में 12 जनवरी तक अवकाश

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर के मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले की घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आंगनबाड़ी केंद्रों में 12 जनवरी तक अवकाश की घोषणा की गई है।

बागेश्वर: ग्राम सभा मनकोट में बाघ द्वारा एक वृद्ध महिला पर हमले की घटना ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है। यह घटना 07 जनवरी की रात्रि को हुई, जब वृद्ध महिला पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने न केवल पीड़िता के परिवार को बल्कि पूरे गांव को चिंतित कर दिया है।

जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा उपाय

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित करने का निर्णय लिया। इस बारे में प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया। इस निर्णय से क्षेत्र के थोड़े समय के लिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और माता-पिता को चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। गांव के निवासी रमेश ने कहा, "यह सच है कि हमारे बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। हम इस निर्णय का समर्थन करते हैं।" वहीं, गाँव की महिलाओं ने भी इस कदम की सराहना की है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि पहचान और बचाव कार्य को तेज किया जाना चाहिए।

बाघ के हमले का सुरक्षा के उपायों पर असर

बाघ के हमले के बाद वन्यजीवों और स्थानीय प्रशासन द्वारा मिलकर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई है। वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। साथ ही, लोगों को सुरक्षा के दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

भविष्य की योजना

जिला प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित करने के लिए नए उपायों की योजना बनाई जा रही है। उनके अनुसार, यदि यह समस्या हल नहीं होती है, तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

समग्र में, मनकोट क्षेत्र के बाघ के हमले ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि प्रशासन को भी नई रणनीतियों पर विचार करने के लिए मजबूर किया है। सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट Discovery Of The India पर जाएं।

यह लेख टीम Discovery Of India द्वारा लिखा गया है। - साक्षी शर्मा

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