राहुल कुमार का नामांकन रद्द, एबीवीपी ने कहा- उमेश शाही का चुनाव है संवैधानिक

Sep 27, 2026 - 08:30
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राहुल कुमार का नामांकन रद्द, एबीवीपी ने कहा- उमेश शाही का चुनाव है संवैधानिक

राहुल कुमार का नामांकन रद्द, एबीवीपी ने कहा- उमेश शाही का चुनाव है संवैधानिक

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर में छात्रसंघ चुनाव के दौरान एनएसयूआई के प्रत्याशी राहुल कुमार का नामांकन रद्द कर दिया गया है, जिसके विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ता और अन्य छात्रों ने एबीवीपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विवाद के चलते बागेश्वर कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है।

बागेश्वर। छात्रसंघ चुनाव के संदर्भ में एनएसयूआई प्रत्याशी राहुल कुमार का नामांकन रद्द करना एक विवाद का कारण बन गया है। इसके चलते बागेश्वर कैंपस में छात्रों का आक्रोश देखने को मिला, जहां एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के खिलाफ लगातार नारेबाजी जारी रखी। इस घटना ने न केवल बागेश्वर के छात्रों को बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी चौंका दिया है।

एबीवीपी की प्रतिक्रिया

बीते शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि राहुल कुमार का नामांकन रद्द होने के पीछे कुछ संवैधानिक कारण रहे हैं। उनका कहना था कि अध्यक्ष पद पर उमेश शाही का निर्वाचन पूरी तरह से वैध और कानूनी है। एबीवीपी के अनुसार, छात्र चुनाव में नियमों का पालन एक अनिवार्यता है, और इसलिए उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

छात्रों की प्रतिक्रियाएँ

राहुल के समर्थक छात्र इस घटनाक्रम से बेहद नाराज हैं और उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी जानबूझकर उनकी जीत को रोकने की कोशिश कर रही है। इसको लेकर उन्होंने जनसमर्थन जुटाने का भी कार्य शुरू कर दिया है।

वर्तमान स्थिति का विश्लेषण

इस विवाद के चलते बागेश्वर कैंपस में तनाव बढ़ता जा रहा है। छात्रों के बीच बढ़ती हुई नाराज़गी और एबीवीपी के जवाब के बीच स्थिति और भी गहन होती जा रही है। प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन छात्रों के भीतर गुस्सा देखने लायक है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला कैसे विकसित होता है और क्या एनएसयूआई अपनी स्थिति को पुनः मजबूत कर पाती है।

छात्रसंघ चुनावों में राजनीति सदैव एक महत्वपूर्ण पहलू रही है, और इस मामले में भी देखने को मिल रहा है कि कैसे छात्र संगठन एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए हैं। आगामी दिन यह देखने के लिए महत्वपूर्ण होंगे कि क्या निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार होता है या यह स्थिति इस तरह जारी रहती है।

अंत में, छात्रसंघ चुनावों का माहौल हमेशा की तरह हलचल भरा रहता है, लेकिन छात्रों को क्या निर्णय लेना है यह भी बेहद जरूरी है। इस मामले में सभी पक्षों को अपने अपने दृष्टिकोण से सोचने की आवश्यकता है ताकि शांति स्थापित की जा सके।

इससे अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ: Discovery Of The India।

सादर,
टीम Discovery Of India
प्रियंका शर्मा

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