वर्दी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अनुज कफलिया बने भारतीय नौसेना के अधिकारी

Oct 24, 2025 - 08:30
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वर्दी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अनुज कफलिया बने भारतीय नौसेना के अधिकारी
वर्दी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अनुज कफलिया बने भारतीय नौसेना के अधिकारी

वर्दी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अनुज कफलिया बने भारतीय नौसेना के अधिकारी

कम शब्दों में कहें तो, डीडीहाट के अनुज कफलिया ने UPCS द्वारा आयोजित CDS परीक्षा में शानदार सफलता की और उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। भारतीय सैन्य अकादमी में 73वीं रैंक और भारतीय नौसेना में 18वीं रैंक प्राप्त की है।

पिथौरागढ़: डीडीहाट क्षेत्र के ग्राम मल्लादूनी के रहवासी अनुज कफलिया ने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में अपार सफलता प्राप्त कर क्षेत्र के युवा पीढ़ी को प्रेरित किया है। अनुज ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक मेहनत की और अपनी सामर्थ्य को साबित किया। उनके पिता ने भी सेवा में थे, इससे पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अनुज अब अपने पिता की राह पर अगली पीढ़ी के रूप में भारतीय नौसेना का हिस्सा बन गए हैं।

अनुज की उपलब्धियों का सफ़र

अनुज कफलिया ने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में 73वीं रैंक प्राप्त की और भारतीय नौसेना में 18वीं रैंक हासिल की। यह ना केवल उनके व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम है, बल्कि उनके परिवार के संघर्ष और समर्थन का भी इस सफलता में बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए एक प्रेरणा का संदेश दिया है कि कठिन परिश्रम का फल मीठा होता है। अनुज ने अपनी सफलता के लिए जिस दृढ़ता और संकल्प का परिचय दिया है, वह हर युवा के लिए अनुकरणीय है।

सामुदायिक समर्थन

अनुज की सफलता से पहले, उनके परिवार और समुदाय ने हमेशा उन्हें समर्थन और प्रेरणा दी। उनके गांव के लोगों ने अनुज की उपलब्धियों पर गर्व किया है और उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होने का आश्वासन दिया है। शिक्षा और दृढ़ता के प्रति उनका अद्वितीय दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मॉडल बन जाएगा।

आने वाले समय के लिए प्रेरणा

अनुज कफलिया की यह सफलता यह दिखाती है कि अगर इच्छाशक्ति और प्रयास समर्पित हो तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। भारतीय नौसेना में उनकी नियुक्ति उनके कैरियर की नई शुरुआत है और उन्हें आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। उनके लिए यह वर्दी केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का भी चिन्ह है।

यह एक सुखद अनुभव है कि एक और युवक ने अपने सपनों को साकार किया है और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अनुज की यह उपलब्धि भविष्य में और कई युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगी।

निष्कर्ष

आधुनिक युग में युवा वर्ग को अनुज कफलिया की तरह अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। अनुज की मेहनत, लगन, और समुदाय की मदद से यह बात साफ है कि मेहनत और सामुदायिक सहयोग से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।

हम अनुज कफलिया को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे भारतीय नौसेना में अपनी उत्कृष्टता से क्षेत्र का नाम हमेशा रोशन करते रहेंगे।

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इन समाचारों का निर्माण किया है टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया द्वारा, लेखक: सुमन शर्मा।

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