संघ के शताब्दी वर्ष पर बागेश्वर में प्रमुख जन गोष्ठी: राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण मंथन

Mar 23, 2026 - 08:30
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संघ के शताब्दी वर्ष पर बागेश्वर में प्रमुख जन गोष्ठी: राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण मंथन

बागेश्वर में संघ के शताब्दी वर्ष पर गरिमामय जन गोष्ठी

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कम शब्दों में कहें तो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर बागेश्वर में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से शामिल नागरिकों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पर चर्चा की।

गोष्ठी का उद्देश्य

इस गरिमामय गोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला बागेश्वर द्वारा किया गया था। यह अवसर संघ के अंतिम एक सौ वर्षों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए श्रद्धांजलि देने का था। जैसे-जैसे हम भारत के विकास की बात करते हैं, एकजुटता और सामूहिकता की भावना को मजबूत करना अनिवार्य होता है। इस प्रकार की गोष्ठियों का उद्देश्य है समाज के विभिन्न तबकों को जोड़ना और सामूहिक विशेषज्ञता से राष्ट्र निर्माण को गति देना।

प्रतिभागियों का योगदान

इस गोष्ठी में जनपद के शिक्षा, सामाजिक, प्रशासनिक, आर्थिक, कला, खेल, मीडिया, कृषि, न्यायिक एवं चिकित्सा क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध एवं प्रतिष्ठित नागरिकों ने सहभागिता की। इन सभी मास्टरमाइंड्स ने अपने अनुभवों और विचारों के माध्यम से कार्यक्रम को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य वक्ता का संदेश

गोष्ठी के मुख्य वक्ता संघ के सह प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राजेश जोश ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना और उसका उद्देश्य क्या था, और आज की युवा पीढ़ी को संगठित होकर राष्ट्रीय सेवा हेतु कैसे आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो, को समाज के लिए चिंतन करने के साथ-साथ उसकी भलाई के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

संघ का योगदान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पिछले एक सौ वर्षों में अनेक पहलों के माध्यम से समाज को दिशा देने का काम किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में संघ के कार्यों को एक मापदंड के रूप में देखा जा सकता है। इस संगठक ने हमेशा राष्ट्र की मुख्यधारा में अपनी पहचान बनाई है और विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

सम्‍पूर्णता का प्रयास

गोष्ठी के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संघ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहेंगे। यह कदम न केवल समग्र विकास की ओर बढ़ रहा है, अपितु यह एक मील का पत्थर साबित होगा राष्ट्र को सशक्त बनाने में।

भारत की शक्ति उसके लोगों में है। इस प्रकार की गोष्ठियों के माध्यम से, हम न केवल विचारों का आदान-प्रदान करते हैं, बल्कि अपने देश के भविष्य को भी आकार देते हैं।

ज्योति जैसी उम्मीदें और प्रेरणा हमें आगे बढ़ने के लिए मार्ग प्रशस्त करती हैं। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से व्यक्तियों का एक साथ आना एक सकारात्मक संकेत है। हर एक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है और हमें देश के लिए सजग रहना चाहिए।

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इस खबर को टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया द्वारा लिखा गया है - साक्षी शर्मा

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