हरिद्वार कोर्ट परिसर में अचानक अधिवक्ता मो. उस्मान की मृत्यु से शोक की लहर

Jan 9, 2026 - 16:30
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हरिद्वार कोर्ट परिसर में अचानक अधिवक्ता मो. उस्मान की मृत्यु से शोक की लहर
हरिद्वार कोर्ट परिसर में अचानक अधिवक्ता मो. उस्मान की मृत्यु से शोक की लहर

हरिद्वार कोर्ट परिसर में अचानक अधिवक्ता मो. उस्मान की मृत्यु से शोक की लहर

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के हरिद्वार बार संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता मो. उस्मान का अचानक निधन, स्थानीय अधिवक्ताओं और बार संघ में गहन शोक का कारण बना है।

हाल ही में, मो. उस्मान, जो कि एक सीनियर अधिवक्ता थे और हाल ही में संपन्न बार एसोसिएशन चुनाव में सहायक चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे, का अचानक दीदार होना सभी के लिए आश्चर्यजनक और दुखदायी था। उनके निधन की खबर ने पूरे अधिवक्ता समुदाय को गहरे दुःख में डाल दिया है। कल शाम, बार संघ की नई कार्यकारिणी का शपथग्रहण समारोह संपन्न हुआ था, लेकिन आज सुबह जब मो. उस्मान का निधन हुआ, तो बार संघ में शोक की लहर फैल गई।

शोक सभा का आयोजन

इस दुखद घटना के बाद, बार संघ ने एक शोक सभा का आयोजन किया, जिसमें सभी सदस्यों ने मो. उस्मान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने उनके योगदान को याद किया और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बार संघ ने यह निर्णय लिया है कि आज सभी कार्यों से विरत रहेंगे। इस निर्णय ने यह दर्शाया कि अधिवक्ता समुदाय कितने घनिष्ठता से एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करता है।

समुदाय की प्रतिक्रिया

मो. उस्मान की निधन की खबर सुनकर उनके सहयोगी और दोस्त गहरे दुःख में हैं। उनके साथ काम करने वाले अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी विदाई न केवल एक अधिवक्ता के रूप में, बल्कि एक अच्छे इंसान के रूप में भी बहुत बड़ी क्षति है। मो. उस्मान की गतिविधियों और योगदानों को याद किया जा रहा है।

मो. उस्मान का योगदान

मो. उस्मान ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण मामलों में योगदान दिया और वे हरिद्वार में एक सम्मानित कानूनी व्यक्तित्व थे। उनकी विदाई से वकीलों की नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिली थी। कई युवाओं के लिए वे एक मार्गदर्शक के रूप में काम कर चुके थे। उन्हें सच और न्याय के प्रति उनकी निष्ठा के लिए याद किया जाएगा।

इस दुखद अवसर पर अकेले नहीं हैं

हरिद्वार बार संघ का यह धर्म है कि वे एकजुट होकर इस कठिन समय में अपने सदस्यों को सहारा प्रदान करें। इस घटना ने यह साबित किया है कि जब भी व्यक्तिगत संकट आता है, तो समुदाय उसके साथ खड़ा होता है। यह एक बड़ा अवसर है कि पीड़ित परिवार को सामूहिक रूप से समर्थन प्रदान किया जा सके।

इन सभी परिस्थितियों में, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मो. उस्मान ने अपने जीवन में जो संशोधन लाने का प्रयास किया था, वे उन सभी के लिए एक सीख और उदहारण बनकर रहेंगे जो उनके बाद आएंगे।

अंत में, मो. उस्मान की आत्मा की शांति के लिए सभी से प्रार्थना की जाती है और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की जाती है।

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— Team Discovery Of India, सुमन तिवारी

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