उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भालू के हमले से बचकर लौटे घर, जानें पूरी कहानी!

Jan 10, 2026 - 08:30
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उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भालू के हमले से बचकर लौटे घर, जानें पूरी कहानी!
उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भालू के हमले से बचकर लौटे घर, जानें पूरी कहानी!

उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भालू के हमले से बचकर लौटे घर, जानें पूरी कहानी!

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता को एक खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ा जब वे अपने गांव लौट रहे थे। इस घटना ने उन्हें और उनके ड्राइवर को भालू के हमले से बाल-बाल बचाया। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी।

घटना का विवरण

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अपने गांव लौटते समय अंकिता भंडारी के माता-पिता का सामना एक भालू से हुआ। यह startling घटना 8 जनवरी को डोभ-श्रीकोट के पास हुई। जब वे अपनी कार में यात्रा कर रहे थे, अचानक एक भालू उनके सामने आ गया।

मुख्यमंत्री से पहले की मुलाकात

जानकारी के अनुसार, अंकिता के माता-पिता ने 7 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद वे अपने गांव लौट रहे थे, कि तभी यह अनहोनी घटित हुई। यह स्थिति उनके लिए ना केवल ख़तरनाक थी बल्कि मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण थी।

भालू के हमले से बचाव

अंकिता के माता-पिता और उनके ड्राइवर की तत्परता और आत्मसुरक्षा कौशल ने उन्हें इस गंभीर स्थिति से बचने में मदद की। भालू के अचानक सामने आने पर, सभी ने शांत रहते हुए अपनी गाड़ी को संभाला और सावधानी पूर्वक वहां से निकलने का प्रयास किया। उनका यह सशक्त रुख निश्चित रूप से उन्हें एक भयावह घटना से बचाने में सहायक रहा।

जंगली जानवरों से सामंजस्य

यह घटना इस बात का सबूत है कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों का खतरा कितना गंभीर हो सकता है। राज्य में जंगली जानवरों की संख्या बढ़ने के साथ ही उनके मानव बस्तियों के निकट आने के मामले भी बढ़ रहे हैं। इन परिस्थितियों में सावधानी बरतना और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

तेजतर्रार कार्रवाई की आवश्यकता

इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की बात पर ध्यान आकर्षित किया है। सरकारी और स्थानीय संगठनों को इस तरीके की घटनाओं को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, आम लोगों को भी इसकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

अंकिता भंडारी के माता-पिता की कहानी हमें यह सिखाती है कि प्राकृतिक स्थलों में यात्रा करते समय सावधानी बरतना कितना जरूरी है। यह घटना केवल एक चेतावनी नहीं है, बल्कि एक सिखाने वाला अनुभव भी है। ऐसे में यदि हम सभी उचित सतर्कता बरतें तो हम ऐसी घटनाओं से सुरक्षित रह सकते हैं।

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Team Discovery Of India
राधिका चतुर्वेदी

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