हरिद्वार समाचार: नगर निगम एनजीटी के आदेशों की अवहेलना कर रहा, नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है
हरिद्वार समाचार: नगर निगम एनजीटी के आदेशों की अवहेलना कर रहा, नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Discovery Of The India
कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार शहर में नागरिकों का आक्रोश नगर निगम की लापरवाही के कारण बढ़ता जा रहा है। एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाने का आरोप नगर निगम पर लग रहा है, जिससे स्थानीय पार्षदों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
हरिद्वार के राजा गार्डन, गुरुकुल सहित चार अन्य वार्ड में स्थानीय नागरिक पिछले कुछ समय से नगर निगम की खराब सफाई व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले उनके घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठाया जाता था, लेकिन अब कूड़े की उठान में समय समेत बहुत सारी समस्याएं आ रही हैं। पिछले कुछ समय से सफाईकर्मी शाम 5 बजे तक ही कूड़ा उठाने आते हैं, जिससे समस्या और बढ़ गई है। संवाददाता द्वारा पार्षदों से बात करने पर पता चला कि इस समस्या का समाधान करने की प्रयास किए जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम द्वारा कुछ पॉइंट बंद करने के कारण यह समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
स्थानीय निवासी दीपक की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी दीपक का कहना है कि यह सब राजनीति का खेल है। नेता कूड़े की सफाई पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने पहले निजी सफाईकर्मियों को रखा था, लेकिन पार्षदों के दबाव में उन्होंने उन्हें कंपनी में कार्य करने के लिए भेज दिया। अब सफाईकर्मियों की संख्या घटने लगी है। सफाईकर्मी बताते हैं कि उन्हें राजा गार्डन के कोने से कूड़ा उठाकर टीबडी (भगत सिंह चौक) तक जाना पड़ता है जो बहुत कठिन हो गया है।
नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल
संवाददाता ने गहन पड़ताल की, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि नगर निगम की कार्यशैली में कई कमजोरियां हैं। कूड़ा अब पहले शहर में आ रहा है और फिर उसे एकत्रित करके सराय स्थित कंपोस्ट प्लांट पर ले जाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इसका विरोध किया है और कुछ ने कूड़ा जलाना शुरू कर दिया है। यह एनजीटी के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना है। नागरिकों का विश्वास नगर आयुक्त नंदन कुमार पर है जो इस स्थिति का जल्दी समाधान निकालने का आश्वासन देते हैं।
पार्षदों की टालमटोल की पत्रकारिता
जब नागरिकों ने पार्षद से शिकायत की, तो पार्षद केवल टालने का काम करते रहे। पार्षद नागेंद्र राणा ने कहा कि नगर आयुक्त के साथ बात चल रही है। वार्ड 58 के पार्षद त्यागी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
अधिक अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें
स्वच्छता कर्मियों का कहना
स्वच्छता कर्मियों का कहना है कि एक दिन में 250 घरों से ज्यादा कूड़ा उठाना संभव नहीं है। अब इसका रास्ता पार्षद और नगर आयुक्त को ही निकालना पड़ेगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि जहां पर उनका कूड़ा डाला जाता है वह गुरुकुल कांगड़ी की जमीन है और उन्होंने वहां कूड़ा डालने की व्यवस्था कंपनी से करवाने की कोशिश की थी। लेकिन यह भी राजनीतिक कारणों से विफल हो गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे पिछले डेढ़ वर्ष से ठेकेदार की ठगी का शिकार हो रहे हैं और नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। नागरिकों का जीवन नर्क बनता जा रहा है, और ऐसा लगता है कि सिविल लाइन की व्यवस्था में परियोजना को मुख्य रास्ते से हटाकर दूसरे रास्तों पर चलाना असहनीय हो गया है।
जिलाधिकारी महोदय और नगर आयुक्त को चाहिए कि वे इस स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लें और त्वरित समाधान करें ताकि नागरिकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
Discovery Of The India टीम द्वारा - पूजा प्रताप
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0