उत्तराखंड के स्कूलों में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम शुरू: डॉ. धन सिंह रावत की घोषणा

Nov 9, 2025 - 08:30
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उत्तराखंड के स्कूलों में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम शुरू: डॉ. धन सिंह रावत की घोषणा
उत्तराखंड के स्कूलों में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम शुरू: डॉ. धन सिंह रावत की घोषणा

उत्तराखंड के स्कूलों में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम शुरू: डॉ. धन सिंह रावत की घोषणा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाया जाएगा, यह घोषणा सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की है।

देहरादून| उत्तराखंड समाचार: राज्य की रजत जयंती के अवसर पर, संस्कृति विभाग ऑडिटोरियम, दीपनगर में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के तत्वावधान में एक भव्य सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, निबंधक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद की सचिव डॉ. मीनू शुक्ला पाठक ने भाग लिया।

सहकारिता का महत्व

सहकारिता आंदोलन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और छोटे किसानों और श्रमिकों को एकजुट करना है। यह शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो छात्रों में सहयोग की भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का विकास करेगा।

स्कूलों में सहकारिता आंदोलन का पाठ्यक्रम

डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की कि अब से यह पाठ्यक्रम उत्तराखंड के स्कूलों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों को सहकारिता के सिद्धांत और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराने में मदद करेगा। छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे सहकारी समितियाँ उनकी आर्थिक भलाई के लिए काम कर सकती हैं और वे किस प्रकार अपने समुदायों को सशक्त बना सकते हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग

इस नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को यह दिखाना है कि सहकारी आंदोलन सिर्फ एक सिद्धांत नहीं है, बल्कि यह वास्तविक जीवन में भी कैसे काम करता है। जब छात्र इस आंदोलन के महत्व को समझेंगे, तो वे इसे अपनी व्यक्तिगत जीवन में भी अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

सहकारिता मंत्री ने कहा, "यह initiative हमारे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वे अपने भविष्य को सशक्त बना सकते हैं। हम चाहते हैं कि वे सीखें कि संयुक्त प्रयासों से कैसे वे अपने समुदायों का विकास कर सकते हैं।"

समाज में बदलाव की आवश्यकता

डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने भी सहकारिता आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, बढ़ती जनसंख्या और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए, हमें ऐसे उपायों की आवश्यकता है जो समाज में स्थायी बदलाव ला सकें। सहकारिता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष

यह सम्मेलन उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। स्कूलों में इस विषय का समावेश न केवल छात्रों के लिए सहकारिता के महत्व को उजागर करेगा, बल्कि यह समाज की समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल भी माने जाएगा। इस प्रकार के कदमों से समाज में सहकारिता की सोच का विस्तार होगा, जो आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से फायदेमंद होगा।

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सादर, टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया

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