दिल्ली में अनिल बलूनी के निवास पर इगास पर्व का आयोजन, अमित शाह ने लिया हिस्सा
दिल्ली में अनिल बलूनी के निवास पर इगास पर्व का आयोजन, अमित शाह ने लिया हिस्सा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का पर्व इगास (बग्वाल) इस बार राजधानी दिल्ली में जिले गया।
देहरादून: उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को समर्पित पर्व इगास (बग्वाल) इस बार राजधानी दिल्ली में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। यह भव्य कार्यक्रम भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के दिल्ली स्थित निवास पर आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में देश की कई बड़ी हस्तियों ने भाग लिया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे।
इगास पर्व का महत्व
इगास पर्व, जिसे बग्वाल के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड की लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व आमतौर पर अगस्त या सितंबर के महीने में मनाया जाता है और इसकी जड़ें पहाड़ी परंपराओं में मौजूद हैं। इस अवसर पर, लोग पारंपरिक फूलों और गीतों के माध्यम से अपनी संस्कृति का जश्न मनाते हैं। इगास पर्व को मनाने का मुख्य उद्देश्य समुदाय के साथियों को एकत्रित करना और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ
अनिल बलूनी के निवास पर आयोजित इस इगास पर्व में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न कलाकारों ने संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने में सफल रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में इस पर्व की महत्वता के बारे में बात की और कहा कि यह उत्सव राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करता है।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस खास आयोजन में कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे और भी भव्य बना दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार साझा किए। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इगास पर्व की खुशियों का आनंद लिया। इस आयोजन ने दिल्ली में उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को एक नया मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन का संदेश
इस तरह का आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखने में सहायक होता है, बल्कि यह एकता और प्रेम का संदेश भी फैलाता है। अनिल बलूनी ने इस पर्व के माध्यम से दिल्ली में उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाने में विशेष भूमिका निभाई है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोग इस उत्सव की खुशियों में शामिल होकर अपने उत्तराखंडी होने का गर्व महसूस कर रहे थे।
अंततः, इगास पर्व ने सभी को एकत्र किया और समुदाय के सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को मजबूती दी। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होता है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों में भी उस संस्कृति की महत्ता को स्थापित करता है।
इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी के लिए और अधिक अपडेट्स के लिए, हमारे पोर्टल पर जाएँ: Discovery Of The India
समाचार समाप्त। टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
स्नेहा शर्मा
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