मुख्यमंत्री धामी ने रेसकोर्स गुरुद्वारे में सुने शबद कीर्तन, गुरु तेगबादुर साहिब के बलिदान दिवस पर विशेष कार्यक्रम

Nov 25, 2025 - 16:30
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मुख्यमंत्री धामी ने रेसकोर्स गुरुद्वारे में सुने शबद कीर्तन, गुरु तेगबादुर साहिब के बलिदान दिवस पर विशेष कार्यक्रम
मुख्यमंत्री धामी ने रेसकोर्स गुरुद्वारे में सुने शबद कीर्तन, गुरु तेगबादुर साहिब के बलिदान दिवस पर विशेष कार्यक्रम

मुख्यमंत्री धामी ने रेसकोर्स गुरुद्वारे में सुने शबद कीर्तन

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कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे में गुरु तेगबादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस पर शबद कीर्तन सुना। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धांजलि दी और धार्मिकता को बढ़ाने का संकल्प लिया।

गुरु तेगबादुर साहिब जी का योगदान

गुरु तेगबादुर साहिब जी सिख धर्म के नानककाल के नवें गुरु हैं, जिन्होंने सिख समाज के लिए अहम कार्य किए। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा करना कितना महत्वपूर्ण है। 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने उनकी समाधि स्थल पर जाकर प्रार्थना की और उनकी शिक्षाओं को याद किया।

मुख्यमंत्री का विशेष संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने अपने सम्बोधन में कहा, "हम सभी को गुरु तेगबादुर साहिब जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने हमें अनुशासन, साहस, और मानवता की सेवा का पाठ पढ़ाया। इस विशेष अवसर पर हमें उनके बलिदान की प्रेरणा से आगे बढ़ना होगा।" उन्होंने युवा पीढ़ी को सिखाया कि वे अपने धर्म का पालन करें और समाज में शिक्षा और सद्भावना फैलाएं।

गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की उपस्थिति

इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने मिलकर शबद कीर्तन का आनंद लिया और गुरु जी को श्रदांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री धामी ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में एकता और सहयोग बढ़ता है।

सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि हमें समाज में एकता बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने बलिदान दिवस को एक चिह्नित अवसर मानकर सभी धार्मिक समुदायों से एकसाथ मिलकर मानवता की भलाई के लिए कार्य करने की अपील की।

मुख्यमंत्री धामी के इस कार्यक्रम ने हमें यह समझने में मदद की है कि कैसे समाज में एकता, शांति और सहिष्णुता की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें और गुरुजी के बताए मार्ग पर चलें।

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सादर,

टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
निशा शर्मा

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