रुद्रप्रयाग: लघु सिंचाई और जल स्रोत संगणना पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
रुद्रप्रयाग: लघु सिंचाई और जल स्रोत संगणना पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, रुद्रप्रयाग में जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का नेतृत्व मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह ने किया।
कार्यशाला का उद्देश्य
बृहस्पतिवार को विकास भवन के सभागार में आयोजित की गई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लघु सिंचाई और जल स्रोतों की संपूर्ण गणना करना था। इसमें स्थानीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिन्होंने जल संसाधनों की स्थिति और उनकी प्रबंधन प्रणाली पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मुख्य विकास अधिकारी का संदेश
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह ने अपनी बातें साझा करते हुए कहा, "संगणना से जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिससे हम अधिक प्रभावी ढंग से जल प्रबंधन कर सकेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यशाला स्थानीय समुदायों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
जल प्रबंधन का महत्व
रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में जल प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। जल स्रोतों की सही जानकारी से स्थानीय विकास में मदद मिलेगी और किसान भी अपनी फसल उत्पादन को बढ़ा सकेंगे। इस प्रकार की संगणना से प्राकृतिक जल श्रोतों का संरक्षण भी संभव हो सकेगा।
विशेषज्ञों की भागीदारी
कार्यशाला में जल और सिंचाई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और सुझाव दिए कि कैसे जल प्रबंधन की प्रक्रिया को सुधारित किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण दिए कि कैसे कई अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक जल प्रबंधन नीति लागू की गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह कार्यशाला रुद्रप्रयाग में जल संसाधनों के उचित प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जल संसाधनों की गणना करके, न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ: Discovery Of The India.
सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
निर्मला शर्मा
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