Diwali 2025: जानें, क्यों देश के कुछ राज्य नहीं मनाते दिवाली, जानकर रह जाएंगे दंग

Oct 20, 2025 - 08:30
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Diwali 2025: जानें, क्यों देश के कुछ राज्य नहीं मनाते दिवाली, जानकर रह जाएंगे दंग
Diwali 2025: जानें, क्यों देश के कुछ राज्य नहीं मनाते दिवाली, जानकर रह जाएंगे दंग

Diwali 2025: जानें, क्यों देश के कुछ राज्य नहीं मनाते दिवाली, जानकर रह जाएंगे दंग

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कम शब्दों में कहें तो, भारत में दीपावली का त्योहार एक प्रमुख और धूमधाम से मनाया जाने वाला पर्व है। फिर भी, यह जानकर हैरानी होती है कि देश के एक-दो नहीं, बल्कि कई राज्यों में इस त्योहार को मनाने का प्रचलन नहीं है। इसके पीछे धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों प्रकार की वजहें हैं। आइए, हम जानते हैं ऐसे राज्यों के बारे में जहां दीपावली का जश्न नहीं मनाया जाता है और इसके पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं।

क्यों नहीं मनाते दिवाली?

भारत में दीपावली का त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। यह विशेष रूप से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां यह पर्व नहीं मनाया जाता। इनमें मुख्यतः पश्चिमी राज्यों जैसे कि गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, तथा जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाके शामिल हैं। आइए जानते हैं इनके पीछे के कारण।

धार्मिक कारण

कई क्षेत्रों में दीवाली का पर्व न मनाने का मुख्य कारण धार्मिक विश्वास है। जहाँ हिन्दू धर्म के अनुयायी इस दिन देवी लक्ष्मी के स्वागत हेतु दीयों की जगमगाहट करते हैं, वहीं कुछ समुदायों में इस दिन का कोई विशेष धार्मिक महत्व नहीं है। उदाहरण के लिए, सीख समुदाय ने गुरुद्वारों में विशेष ज्ञान का पर्व मनाया जाता है, जो दीवाली से भिन्न है।

ऐतिहासिक कारण

इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में ऐतिहासिक कारण भी हैं। जैसे गढ़वाल क्षेत्र में यह घटना हो चुकी है कि स्थानीय समुदाय ने अपने सांस्कृतिक परंपराओं को प्राथमिकता दी है, जिसमें दिवाली का जश्न शामिल नहीं है।

किस प्रकार का जश्न मनाते हैं?

भले ही इन स्थानों पर दीपावली का त्योहार न मनाया जाता हो, लेकिन वहां अन्य सांस्कृतिक उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं। जैसे बुंदेलखंड क्षेत्र में 'छठ पूजा' का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जो सूर्य देव के प्रति आभार ज्ञापन करने के लिए होता है। इसी प्रकार, हर क्षेत्र की अपनी अनोखी परंपराएँ और उत्सव होते हैं, जो उनकी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

निष्कर्ष

अंत में, यह बात स्पष्ट है कि दीपावली भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सभी स्थानों पर इसे नहीं मनाने के पीछे धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों कारण मौजूद हैं। यह हमारे देश की विविधता को दर्शाता है, जहाँ हर समुदाय की अपनी विशेष संस्कृति और परंपराएँ हैं।

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जब भी हम किसी विशेष अवसर के बारे में सोचते हैं, उसकी खोज निरंतर आगे बढ़ती है। ऐसे अवसर हम सभी के लिए एक सीख और प्रेरणा देते हैं।

Team Discovery Of India
- स्नेहा शर्मा

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