उत्तराखंड के धारगांव में 21 वर्षीय शिवानी राणा बनीं निर्विरोध ग्राम प्रधान

Nov 27, 2025 - 08:30
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उत्तराखंड के धारगांव में 21 वर्षीय शिवानी राणा बनीं निर्विरोध ग्राम प्रधान
उत्तराखंड के धारगांव में 21 वर्षीय शिवानी राणा बनीं निर्विरोध ग्राम प्रधान

उत्तराखंड के धारगांव में युवा नेतृत्व का नया अध्याय

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की धारगांव पंचायत में बीएड की छात्रा शिवानी राणा को सर्वसम्मति से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना गया है। यह न केवल स्थानीय राजनीति में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि यह महिलाओं की भागीदारी को भी उजागर करता है।

पंचायत उपचुनाव का विशेष प्रकरण

टिहरी जिले के भिलंग क्षेत्र की ग्राम सभा धारगाँव में हाल ही में हुए पंचायत उपचुनाव ने सबका ध्यान खींचा है। यहाँ की ग्रामीण आबादी ने एकमत होकर 21 वर्षीय शिवानी राणा को ग्राम प्रधान चुना। शिवानी, जो एक सक्रिय बीएड छात्रा हैं, ने यह साबित कर दिया है कि युवाओं को जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना कितना महत्वपूर्ण है।

युवा नेतृत्व का महत्व

यह चुनाव न केवल शिवानी के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। युवा नेताओं को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करने से न केवल स्थानीय राजनीति को ताजगी मिलती है, बल्कि यह युवाओं में एक नई सोच और दृष्टिकोण का संचार करता है। अपार संभावनाओं से भरे युवा मन, जिनमें समाज की समस्याओं को सुलझाने की क्षमता होती है, वे प्रगति के इस पथ पर चलते हैं।

स्थानीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका

शिवानी का निर्विरोध चुनाव इस बात का प्रतीक है कि जब समुदाय मिलकर काम करता है, तो बदलाव लाने वाली पहलें संभव होती हैं। ग्राम प्रधान बनने के बाद, शिवानी ने कहा, “मैं अपने गाँव के विकास के लिए काम करूंगी और सभी को साथ लेकर चलूंगी।” यह न केवल उनका व्यक्तिगत लक्ष्य है, बल्कि यह पूरे गाँव का सामूहिक सपना भी है।

भविष्य की दिशा

स्थानीय पंचायतों में इस तरह की सकारात्मक पहलें निश्चित रूप से भविष्य में अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेंगी। शिवानी जैसे युवा नेता जब राजनीति में कदम रखते हैं, तो उन्हें ध्यान देने के लिए एक मजबूत मंच मिलता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी मिलकर ऐसे युवा नेताओं का समर्थन करें ताकि वे अपनी आवाज को और मजबूत बना सकें।

अंततः, धारगांव की ये चुनावी घटना उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपने क्षेत्रों में बदलाव लाना चाहते हैं। आने वाले समय में और भी युवा महिलाएँ ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होंगी और अपने क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी।

यह अवसर हमारे समाज में बदलाव की नई किरण है। युवाओं को आगे लाना और उनके विचारों को सुनना ही हमारे देश की प्रगति का मार्ग होगा।

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टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया, राधिका शर्मा

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