उत्तराखंड में थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल को नहीं लागू करने की प्रतिज्ञा : इंद्रेश मैखुरी
उत्तराखंड में थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल को नहीं लागू करने की प्रतिज्ञा : इंद्रेश मैखुरी
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Discovery Of The India
कम शब्दों में कहें तो
इंद्रेश मैखुरी ने उत्तराखंड में थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल को लागू न करने का कड़ा रुख अपनाया है। इसी सिलसिले में बागेश्वर में विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
बागेश्वर में विरोध प्रदर्शन
बागेश्वर जिले में संघर्ष वाहिनी बागेश्वर के कार्यकर्ताओं ने एसबीआई तिराहे सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस नाटक के माध्यम से उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीवीआईपी और वीआईपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या में शामिल वीआईपी के खिलाफ जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल पर इंद्रेश मैखुरी का रुख
इस प्रदर्शन के दौरान, इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि उत्तराखंड में थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उनका मानना है कि यह मॉडल राज्य की संस्कृति और परंपराओं के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की विशेषताओं का ध्यान रखते हुए ही पर्यटन विकास को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
स्थानीय संस्कृति का महत्व
इंद्रेश मैखुरी ने आगे कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी संस्कृति, प्रकृति और स्थानीय धरोहर में निहित है। इसलिए बाहरी टूरिज्म मॉडल को अपनाना कहीं से भी उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्थानीय लोगों की राय और हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
क्या है थाईलैंड का टूरिज्म मॉडल?
केवल उत्तराखंड में ही नहीं, थाईलैंड का टूरिज्म मॉडल दुनिया के विभिन्न देशों में चर्चा का विषय रहा है। यह मॉडल स्थायी पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मददगार होता है। लेकिन इंद्रेश का मानना है कि इसे उत्तराखंड में लागू करने से स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
समाज की एकता की आवश्यकता
इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। अगर हमारी संस्कृति को खतरा है, तो हमें मिलकर उसका संरक्षण करना होगा।
इंद्रेश मैखुरी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय नेताओं और समुदायों को अपने संसाधनों और संस्कृति की रक्षा करने के लिए सक्रिय रहना चाहिए। ऐसे आंदोलनों से न केवल स्थानीय चिंताओं को सामने लाने का अवसर मिलता है, बल्कि यह सरकार को भी जागरूक करता है।
कुल मिलाकर, इस मामले में बागेश्वर की आवाज सुनाई दे रही है, और residents of this quaint town और उनके विभिन्न कल्याणकारी संगठन अपनी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार हैं।
और अधिक अपडेट के लिए, यहां क्लिक करें.
Team Discovery Of India, साक्षी वर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0