औषधीय जड़ी-बूटियों की नर्सरी का निरीक्षण: स्वरोजगार और संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा

Jul 15, 2026 - 16:30
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औषधीय जड़ी-बूटियों की नर्सरी का निरीक्षण: स्वरोजगार और संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा
औषधीय जड़ी-बूटियों की नर्सरी का निरीक्षण: स्वरोजगार और संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा

औषधीय जड़ी-बूटियों की नर्सरी का निरीक्षण: स्वरोजगार और संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर जिले के बिलौना स्थित भेषज संघ की औषधीय जड़ी-बूटी नर्सरी का हाल ही में निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान भेषज संघ के अध्यक्ष संजय साह जगाती, उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद, सचिव हुकुम सिंह कुंवर और पंकज टम्टा उपस्थित रहे। इस अवसर पर औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन और स्थानीय किसानों के लिए स्वरोजगार की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।

औषधीय पौधों का महत्व

उत्तराखंड, जिसे वनौषधियों का भंडार माना जाता है, यहाँ की जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों की परंपरा का एक समृद्ध इतिहास है। इन पौधों का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोज़गार सृजन में भी महत्वपूर्ण है। भेषज संघ का यह कदम जड़ी-बूटियों के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

नर्सरी का निरीक्षण

भेषज संघ के अध्यक्ष संजय साह जगाती ने नर्सरी का निरीक्षण करते हुए औषधीय पौधों की गुणवत्ता और उनकी देखभाल की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि जड़ी-बूटियों का संरक्षण आवश्यक है ताकि इनसे स्थानीय किसानों को बेहतर आजीविका प्राप्त हो सके।

स्थानीय किसानों के लिए स्वरोजगार की संभावनाएँ

उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद ने चर्चा में यह महत्व बताया कि स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों को समझने के लिए किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भेषज संघ ने किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है, जिससे वे जड़ी-बूटियों के व्यवसाय में कदम रख सकें।

स्वास्थ्य और आजीविका का संतुलन

सचिव हुकुम सिंह कुंवर ने स्वास्थ्य और आजीविका के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों के उपयोग से स्वास्थ्य लाभ पाने के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सकता है।

उपसंहार

इस प्रकार, भेषज संघ की इस नर्सरी का निरीक्षण एक सकारात्मक कदम है जो औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और स्थानीय किसानों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। हमें आशा है कि इस प्रयास से उत्तराखंड की वनौषधि विरासत की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

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Team Discovery Of India

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