चंपावत: निर्माण कार्य से पहले सुरक्षा मूल्यांकन की अनिवार्यता पर जिलाधिकारी का जमकर विरोध

Jan 5, 2026 - 16:30
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चंपावत: निर्माण कार्य से पहले सुरक्षा मूल्यांकन की अनिवार्यता पर जिलाधिकारी का जमकर विरोध
चंपावत: निर्माण कार्य से पहले सुरक्षा मूल्यांकन की अनिवार्यता पर जिलाधिकारी का जमकर विरोध

चंपावत में जिलाधिकारी ने सुरक्षा मूल्यांकन के महत्व पर जोर दिया

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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत में जिलाधिकारी मनीष ने भवन निर्माण से पूर्व सुरक्षा मूल्यांकन न होने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे सुरक्षा मूल्यांकन को प्राथमिकता दें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

जनता मिलन में 93 शिकायतों का निस्तारण

सोमवार को चंपावत जिला सभागार में आयोजित जनता मिलन में, जिलाधिकारी मनीष को 93 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से कई शिकायतें स्थानीय निर्मित भवनों से संबंधित थीं, जहां सुरक्षा मूल्यांकन का ध्यान नहीं रखा गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्यों से पहले सुरक्षा मूल्यांकन कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण के दौरान कोई आपात स्थिति उत्पन्न न हो।

सुरक्षा मूल्यांकन का महत्व

भवन निर्माण में सुरक्षा मूल्यांकन न केवल निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है, बल्कि इससे भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय भवन की सुरक्षा को भी बनाए रखने में मदद मिलती है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लें।

उन्होंने क्या कहा?

जिलाधिकारी मनीष ने कहा, "हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता के जीवन को सुरक्षित रखें। यदि भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया, तो यह बहुत बड़ा खतरा बन सकता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्माण कार्य से पहले सभी तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाए।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समयबद्ध निस्तारण के साथ-साथ सुरक्षा मूल्यांकन पर गंभीरता से विचार करें।

भविष्य के निर्माण कार्यों के लिए दिशा-निर्देश

जिलाधिकारी मनीष ने स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी निर्माण कार्यों की प्रारंभिक योजनाओं में सुरक्षा मूल्यांकन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि यह आम जनता की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों को अपने कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखनी होगी।

चंपावत की स्थिति को देखते हुए, यह भी आवश्यक है कि जनता को भी भवन निर्माण के बाद सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी हो। इसके लिए, जिलाधिकारी ने प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की जरूरत बताई।

सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि हम एक सुरक्षित और मजबूत चंपावत का निर्माण कर सकें।

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सादर, टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
– राधिका वर्मा

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