जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई: श्री महेश कुमार सोनी का निलंबन

Oct 18, 2025 - 16:30
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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई: श्री महेश कुमार सोनी का निलंबन
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई: श्री महेश कुमार सोनी का निलंबन

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई: श्री महेश कुमार सोनी का निलंबन

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सरकारी कार्यों में लापरवाही के आरोप में तहसीलदार के सहायक महेश कुमार सोनी को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक क्षेत्र में अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।

Ashok Giri Haridwar: हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने उप जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की है। रिपोर्ट में सरकारी कार्यों में लापरवाही, उदासीनता, और नकारात्मक दृष्टिकोण रखने के मामले उजागर हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार द्वारा जारी स्पष्टीकरण का कोई उत्तर भी नहीं दिया था। इस सबके चलते महेश कुमार सोनी, जो कि सहायक तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे, को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

निलंबन के कारण और विवरण

निलंबन की अवधि के दौरान श्री महेश कुमार सोनी को हरिद्वार कलक्ट्रेट के संग्रह अनुभाग में सम्बद्ध किया गया है। निलंबन की अवधि में, उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की राशि अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर मिलेगी। हालांकि, इस समयावधि में महंगाई भत्ता नहीं दिया जाएगा।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और खराब प्रदर्शन को सहन न किया जाए। यह कदम सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी नियम और निलंबन के संबंध में जानकारी

सरकारी नियमों के अनुसार, निलंबन के दौरान यदि कोई कर्मचारी किसी अन्य व्यवसाय में संलग्न नहीं है तो उन्हें अन्य भत्ते भी दिए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ये निलंबन कार्यवाही कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्य प्रणाली में एक आवश्यक बदलाव लाने का प्रयास है।

निष्कर्ष

इस निर्णय ने हरिद्वार प्रशासन में एक नई शुरुआत की ओर इशारा किया है। यह स्पष्ट करता है कि प्रशासनिक लेन-देन में अनुग्रह और निष्पक्षता को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की यह कार्रवाई इस बात का प्रतिबिंब है कि हरिद्वार में सरकारी कार्यों के प्रति सख्ती से पालन किया जाएगा।

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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
- अंजलि शर्मा

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