देशभर में 112 दवाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल, कफ सिरप में एक नकली; WHO ने जारी किया चेतावनी
दवा गुणवत्ता पर सवाल: WHO की चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की हालिया रिपोर्ट ने दवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं।
नई दिल्ली। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी की गई सितंबर माह की रिपोर्ट ने एक बार फिर दवा सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में लिए गए दवाओं के 112 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से तीन कफ सिरप भी शामिल हैं, जिनमें से एक को नकली घोषित किया गया है। इस रिपोर्ट ने न केवल आम जनता में चिंता बढ़ाई है, बल्कि WHO ने भी इस पर अलर्ट जारी किया है, जिससे दवा निर्माताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट में बताया गया है कि निम्नलिखित जटिल बीमारियों की दवाएं जैसे दिल, कैंसर, मधुमेह, हाई बीपी, अस्थमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, अनीमिया और मिर्गी की दवाओं में मानक गुणवत्ता की कमी पाई गई है। यह निराशाजनक है कि गुणवत्ता मानकों का पालन न केवल व्यवसायिक दृष्टिकोण से बेहद आवश्यक है, बल्कि यह मानव जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू भी है। जब ऐसी दवा प्रभावी रूप से काम नहीं करती है, तो यह रोगियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
WHO की चेतावनी और दवा निर्माताओं की जिम्मेदारी
WHO ने इसे लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की लापरवाही निराशाजनक परिणाम दे सकती है। WHO का कहना है कि दवा कंपनियों को सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना पड़ेगा और सभी उत्पादों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।
गुणवत्ता मानकों की सुनिश्चितता
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) नियमित रूप से विभिन्न दवाओं का परीक्षण करता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बाजार में बेची जाने वाली दवाएं उच्चतम गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरें। दवा सुरक्षा को लेकर यह हालिया रिपोर्ट उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो दवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दवा उद्योग को इस रिपोर्ट पर गहरी सोचने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। वे सुझाव देते हैं कि उपभोक्ताओं को दवा खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए और हमेशा प्रमाणिकता की जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, सरकार को भी ठोस कदम उठाकर दवा सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
फिर से यह सवाल उठता है: क्या हम अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रहे हैं? क्या दवा कंपनियां हमें सही और गुणवत्तापूर्ण दवाएं प्रदान कर रही हैं? ऐसे में उपभोक्ताओं को सचेत रहना होगा और अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी होगी।
निष्कर्ष
इस रिपोर्ट ने स्वास्थ्य और औषधि के क्षेत्र में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना होगा। दवा खरीदते समय हमेशा गुणवत्ता पर ध्यान दें और किसी भी संदेह की स्थिति में विशेषज्ञों की सलाह लें।
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इस प्रकार की रिपोर्ट्स हमें निरंतर सचेत करती हैं कि स्वास्थ्य से कभी भी समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सादर, Team Discovery Of India - साक्षी शर्मा
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