बागेश्वर विजय दिवस: 1971 के युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि, शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान

Dec 16, 2025 - 16:30
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बागेश्वर विजय दिवस: 1971 के युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि, शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान
बागेश्वर विजय दिवस: 1971 के युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि, शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान

बागेश्वर विजय दिवस: 1971 के युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर में विजय दिवस पर 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपने अदम्य साहस और बलिदान से राष्ट्र की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों को याद किया गया और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।

यह विशेष कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया गया, जहां जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने उन शहीद सैनिकों की शहादत को नमन किया, जिन्होंने मानवता की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी। इस अवसर पर सैनिकों के परिवारों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी रखा गया, जिससे वीरों की याद को सदा जीवित रखा जा सके।

वीरों के साहस को सलाम

1971 के युद्ध ने भारत को एक नई शक्ति के रूप में स्थापित किया। उस समय देश के वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उनकी शहादत ने न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की, बल्कि हमारे सम्मान और गरिमा को भी ऊंचाई दी। बागेश्वर में इस अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए लोगों ने उन दिनों की शौर्य गाथाओं को याद किया और वीरों के बलिदान को सराहा।

परिजनों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान, शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने शहीदों के परिवारों से मिलकर उनके प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि “शहीदों द्वारा किया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।” इस सम्मान समारोह ने न केवल शहीदों के परिजनों को यादगार मोड़ दिया, बल्कि उन परिवारों के लिए प्रेरणा भी बनी जो आज भी अपने वीरों की याद में जीते हैं।

समाज का उत्तरदायित्व

यह समारोह केवल एक श्रद्धांजलि नहीं थी, बल्कि यह समाज का भी उत्तरदायित्व है कि वे अपने सहादत देने वाले वीरों को याद रखें और उनके मूल्यों को आत्मसात करें। इस तरह के कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को भी न केवल प्रेरित करेंगे बल्कि उन्हें देश भक्ति का पाठ भी पढ़ाएंगे।

अंत में, यह कार्यक्रम यह प्रदर्शित करता है कि हम अपने अतीत के नायकों को सराहते हैं और उनकी शौर्य गाथाओं को सहेज कर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अपना कर्तव्य निभाया और एकजुटता का परिचय दिया।

हम अपने देश के वीर सैनिकों को समर्पित इस टिप्पणी के साथ समाप्त करते हैं कि उनका बलिदान हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगा।

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— Team Discovery Of India, Neha Kumar

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