हरिद्वार के बहादराबाद में हत्या की झूठी साजिश का पर्दाफाश, सभी आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार के बहादराबाद में हत्या की झूठी साजिश का पर्दाफाश
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के हरिद्वार में बहादराबाद के जाकिर ने अपनी ही हत्या की नकली साजिश रचकर आरोपियों को पुलिस के सामने उजागर कर दिया।
हरिद्वार, उत्तराखंड - बहादराबाद में एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है, जहां जाकिर, पुत्र ताहिर, ने अपने विपक्षी जावेद के खिलाफ हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया। जाकिर का कहना है कि यह सुपारी 30 लाख रुपये की थी और इसमें जलालपुर तथा रुड़की के कुछ युवक शामिल हैं। यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है, जो कि न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने थानाध्यक्ष बहादराबाद को त्वरित और गहन जांच कराने के निर्देश दिए। जाकिर के आरोपों के संदर्भ में, पुलिस ने आजम, उस्मान, सोहेल, खालिक एवं शाजिद जैसे कई संदेहास्पद लोगों से पूछताछ की। इस पूछताछ में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था।
फर्जी हत्या की साजिश का पर्दाफाश
पूछताछ के दौरान पता चला कि जाकिर और जावेद के बीच पिछले 3-4 वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा है। जाकिर ने दबाव बनाने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के उद्देश्य से, अपनी ही हत्या की झूठी कहानी रचने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने साथियों को 50,000 रुपये का लालच दिया था, ताकि वे उसकी कार पर गोली चलाएं।
पुलिस के हाथों चढ़े आरोपी
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो सभी आरोपी आपस में आरोप-प्रत्यारोप करने लगे और थाने में ही झगड़ा करने लगे। इसके परिणामस्वरूप सबको धारा 170 बी.एन.एस.एस. के अंतर्गत हिरासत में लिया गया। जाकिर की लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की गई, जिसका रिन्यूवल समाप्त हो गया था। इसके बाद जाकिर और उसके भतीजे खालिक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
कानूनी कार्रवाई की जाएगी
हरिद्वार पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। कोई भी व्यक्ति जो निर्दोष को फंसाने या झूठा मुकदमा दर्ज करवाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के प्रति अपने दायित्वों का पालन करना जरूरी है और किसी भी प्रकार की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना ने उस सोच को भी चुनौती दी है कि क्या किसी व्यक्ति को अपने स्वार्थों के लिए ऐसा करते हुए सोचना चाहिए? समाज में व्यक्तिगत लाभ के लिए इस तरह के झूठे आरोप बेहद खतरनाक होते हैं।
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सादर, टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया (अनुजा शर्मा)
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