हरिद्वार: खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल राठौर 20,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, मित्र शिक्षक भी साथ में पकड़ा गया
हरिद्वार: खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल राठौर 20,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, मित्र शिक्षक भी साथ में पकड़ा गया
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कम शब्दों में कहें तो: हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल राठौर को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके साथ मित्र शिक्षक मुकेश कुमार भी पकड़े गए हैं।
हरिद्वार। बहादराबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौर को एक बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। राठौर ने एक स्थानीय शिक्षक के सहयोग से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया। उनके इस कृत्य से स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का एक भयानक खेल चल रहा है, जिसमें बच्चों के शैक्षिक लाभ को नजरअंदाज किया जा रहा है।
साल-दर-साल बढ़ता रिश्वतखोरी का काला धंधा
ज्ञात हो कि बृजपाल राठौर का रौब इतना था कि उन्होंने स्थानीय शिक्षक मुकेश कुमार को बिना ड्यूटी पर गए ही नियमित रूप से तनख्वाह दिलवाने की व्यवस्था कर रखी थी। मुकेश कुमार, जो मुख्य शिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं, कभी भी स्कूल नहीं गए। ऐसे में बच्चों को शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा था, और उनका भविष्य अधर में लटका हुआ था।
राठौर का रिश्वत लेकर कार्यालय का सौंदर्यीकरण करने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने कार्यालय को लाखों रुपये की लागत से सजाया था, जिसका सारा पैसा इसी प्रकार की रिश्वत से आया था। यह सब शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ था और अन्य विभागों में भी इस विषय पर चर्चा होती रही है।
मुख्यमंत्री का निर्देश: रिश्वत लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
राठौर की रिश्वतखोरी के बारे में कहा जा रहा है कि वो इस मामले में नंबर वन पर थे। उनके अधीनस्थ शिक्षकों और स्कूलों के प्रधान शिक्षकों में उनकी कार्यशैली को लेकर काफी नाराजगी थी। राठौर ने अपनी कार के शीशों पर पुलिस के लोगो भी लगा रखे थे, जिससे उनकी दबंगई और भी बढ़ गई थी। वे सिफारिश का कोई भी काम नहीं करते थे, बल्कि सीधे तौर पर रिश्वत मांगने में माने जाते थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पिछले निर्देशों के मुताबिक, रिश्वत लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस स्पष्ट निर्देश के चलते अब विभाग में एक ताजा हलचल मच गई है और कई लोगों ने मामले की शिकायतें करनी शुरू कर दी हैं। राठौर ने आंतरिक जांच के दौरान भी शिकायतों को नजरअंदाज किया था, लेकिन अब उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी तय है।
पुलिस मॉडर्न स्कूल निर्माण में भी उठाया रिश्वत मांगने का मुद्दा
राठौर ने तो यहाँ तक कर दिया कि पुलिस लाइन में बने पुलिस मॉडर्न स्कूल के अतिरिक्त निर्माण कार्य के लिए भी उन्होंने रिश्वत की मांग कर दी। इस मामले में प्रधानाचार्य को मजबूरन विजिलेंस से संपर्क करना पड़ा था। यह घटना इस बात का सबूत है कि शिक्षा में भ्रष्टाचार किस हद तक जा चुका है।
अब इन दोनों व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच की जाएगी और साथ ही अन्य शिक्षकों के रिकॉर्ड के अनुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इस प्रकरण से स्पष्ट होता है कि शिक्षा का दुष्प्रचार किस तरह से हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को प्रभावित कर रहा है।
राठौर और मुकेश की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से इस मुद्दे को गर्म कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कितनी आवश्यकता है। बच्चों को सही शिक्षा देने के लिए हमें ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस मामले की पूरी जानकारी और अन्य अपडेट्स के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: Discovery Of The India
साइन ऑफ: टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया - अदिति शर्मा
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