हरिद्वार में अधिकारी तैनाती की प्रक्रिया: सेवा का सम्मान और जिम्मेदारी

Nov 7, 2025 - 16:30
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हरिद्वार में अधिकारी तैनाती की प्रक्रिया: सेवा का सम्मान और जिम्मेदारी
हरिद्वार में अधिकारी तैनाती की प्रक्रिया: सेवा का सम्मान और जिम्मेदारी

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार की स्थितियां अधिकारियों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रही हैं।

हरिद्वार

हरिद्वार, उत्तराखंड का एक सुंदर जिला और वैश्विक तीर्थ स्थल है। यहां की भव्यता और धार्मिक महत्व के कारण, अधिकारी यहां तैनाती के लिए प्रयासरत रहते हैं। मां गंगा की पवित्रता को देखते हुए, कई अधिकारी बार-बार हरिद्वार लौटकर अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। इस प्रकार, न केवल अधिकारी यहां की जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हैं, बल्कि खुद भी अनुभव और ज्ञान प्राप्त करते हैं।

सर्वश्रेष्ठ अनुप्रयोग: अधिकारी और उनकी तैनाती

जिला प्रशासन में कई ऐसे अधिकारी हैं जो बार-बार हरिद्वार में अपनी सेवाएं देने आए हैं। इनमें से कई अधिकारियों की दूसरी या तीसरी तैनाती भी यहां हुई है। इससे न केवल उनके अनुभव का लाभ होता है, बल्कि हरिद्वार के लोगों को भी इसका काफी फायदा होता है।

डा. ललित नारायण मिश्र, जो 2018 के बाद इस क्षेत्र में तीसरी बार सीडीओ के रूप में सेवा दे रहे हैं, पहले भी हरिद्वार नगर निगम और हविप्रा सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। सिटी मजिस्ट्रेट कुुसुम चौहान ने 2021 में भी यहां अपनी सेवाएं दी हैं। इसी प्रकार, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह भी यहां सिटी मजिस्ट्रेट और भूमि अध्यापित अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे हैं।

अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी

अपर मेयर अधिकारी दयानंद सरस्वती भी हरिद्वार में कार्यरत रहे हैं। हरिद्वार के एसपी, अभय कुमार सिंह, जो पहले क्षेत्राधिकारी रह चुके हैं, उनके अनुभव ने यहां सुरक्षा को बेहतर किया है। एसपी देहात, शेखर सुयाल भी इसी प्रकार की जिम्मेदारियों को निभाते रहे हैं। तो वहीं, एसएसपी, प्रमेंद्र डोबाल, जो हरिद्वार के एसएसपी बनने से पहले भी यहां तैनात रहे, उनके कार्यों से जिले में शांति सुनिश्चित हुई है।

54 IPFS के रिटायर्ड डीजीपी, अशोक कुमार, ने 1996 से 2004 तक हरिद्वार जिले की जिम्मेदारी संभाली है, जिसके दौरान यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड का हिस्सा बना। इस समय के दौरान, डॉ. एस एस संधू जैसे अधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की महत्वपूर्ण कुर्सी तक पहुंचने का गौरव भी हासिल किया।

हरिद्वार का अद्वितीय आकर्षण

हरिद्वार का तीर्थ स्थल होने के नाते, यह प्रदेश के भीतर न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि अधिकारियों के लिए कार्य करने का भी एक विशेष स्थल है। यहां की संस्कृति, धार्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता अधिकारियों को बार-बार इस पवित्र नगर में आने के लिए प्रेरित करती है।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन भी 21 मई 2007 से 3 नवंबर 2008 तक हरिद्वार के जिलाधिकारी रह चुके हैं। ये सभी अधिकारी इस बात को समझते हैं कि उनकी सेवाएं हरिद्वार की जनता के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं।

वर्तमान में हरिद्वार जिले में पहाड़ी और मैदान वाद की चर्चाएं चल रही हैं, जिनका प्रभाव प्रशासन पर पड़ रहा है। लेकिन अधिकारी इस चुनौती का सामना करते हुए अपनी सेवाएं को जारी रखते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: Discovery Of The India

सादर,
टीम Discovery Of India, साक्षी शर्मा

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