उत्तराखंड: रोप-वे विकास में गति लाने के लिए मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण बैठक
उत्तराखंड: रोप-वे विकास में गति लाने के लिए मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण बैठक
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में रोप-वे परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक का विवरण
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में रोप-वे विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न रोप-वे परियोजनाओं को गति देना था। बैठक में प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया और विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक के दौरान कहा कि "समिति की पहली बोर्ड बैठक इस माह के अंत तक हर हाल में आयोजित की जाएगी।" उन्होंने यह भी बताया कि सचिव पर्यटन इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएचएलएमएल (National Highways Logistics Management Limited) को एक सप्ताह के भीतर विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का सीईओ नियुक्त करने के लिए निर्देशित किया गया है। यह निर्णय परियोजनाओं की वृद्धि और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में रोप-वे प्रणाली के विकास से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
रोप-वे विकास का महत्व
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रोप-वे परियोजनाएँ विभिन्न क्षेत्रों में काफी लाभदायक हो सकती हैं। ये परियोजनाएँ न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेंगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए भी नए अवसर पैदा करेंगी। रोप-वे के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे यात्रियों का समय बचाने एवं सड़क यातायात में कमी आएगी।
समिति की भूमिका
रोप-वे विकास समिति का उद्देश्य विभिन्न रोप-वे परियोजनाओं का पूरा निरीक्षण करना है और यह सुनिश्चित करना है कि सभी परियोजनाएँ तय समय में पूरी हों। इसके लिए आवश्यक संसाधनों का संग्रहण और सरकारी मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।
आगे की योजना
इस बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले चरण में विभिन्न रोप-वे स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा और कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इससे जल्द ही प्रदेश में रोप-वे विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि यदि राज्य में रोप-वे परियोजनाएँ समय पर और सही तरीके से पूरी होती हैं, तो इसका प्रभाव पर्यटन, स्थानीय विकास और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।
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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया
अंजलि शर्मा
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