रामगंगा नदी पर पुल की कमी से ग्रामीणों का जीवन संकट में, ऐठानी ने स्थायी पुल की मांग उठाई

Aug 20, 2026 - 00:30
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रामगंगा नदी पर पुल की कमी से ग्रामीणों का जीवन संकट में, ऐठानी ने स्थायी पुल की मांग उठाई
रामगंगा नदी पर पुल की कमी से ग्रामीणों का जीवन संकट में, ऐठानी ने स्थायी पुल की मांग उठाई

रामगंगा नदी पर पुल की कमी से ग्रामीणों का जीवन संकट में, ऐठानी ने स्थायी पुल की मांग उठाई

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कम शब्दों में कहें तो, रामगंगा नदी पर पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों का जीवन संकट में आ गया है। राज्य मंत्री और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी ने इस मामले का समाधान करने के लिए आवाज उठाई है।

ग्रामीणों की कठिनाइयां

कपकोट स्थित महरगाड़ घाटी की ग्राम सभा कालापैरकापड़ी के कालापैरकापड़ी तोक में, रामगंगा नदी पर एक समय का झूला पुल आज क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीणों को आवागमन के लिए ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है, जो कि न केवल असुरक्षित है बल्कि समय भी लेता है।

स्थिति का स्थल निरीक्षण

हरिक सिंह ऐठानी ने हाल ही में ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मुद्दे का स्थल निरीक्षण किया। उनका कहना था कि वर्ष 2017 की आपदा ने पूरे क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन उसके बाद से अब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं किया गया है।

सरकार से स्थायी पुल की मांग

मंत्री ऐठानी ने स्पष्ट शब्दों में सरकार से अनुरोध किया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा और आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल स्थायी पुल का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में, जहां लोगों की जान को खतरा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"

ग्रामीणों का समर्थन

स्थानीय ग्रामीणों ने भी ऐठानी के इस प्रयास का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ट्रॉली का उपयोग करने से कई बार दुर्घटनाएँ भी हुई हैं।

सलाह का महत्व

स्थायी पुल की मांग केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है, बल्कि यह गांव की सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अगर पुल का निर्माण किया जाता है, तो इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का विकास होगा।

निष्कर्ष

रामगंगा नदी पर पुल की कमी ने गांव के जीवन को संकट में डाल दिया है। हरीश सिंह ऐठानी के प्रयासों से संभावना है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले। ग्रामीणों की मांग को सुनना और उचित कदम उठाना आवश्यक है ताकि वे सुरक्षित यात्रा कर सकें और अपने जीवन को सामान्य बना सकें।

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सादर,
Team Discovery Of India
शारिका तिवारी

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