उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम के कपाट हुए बंद, श्रद्धालुओं ने लिया भाग
उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम के कपाट हुए बंद, श्रद्धालुओं ने लिया भाग
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कम शब्दों में कहें तो, आज बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकालीन पूजा के साथ विधि-विधान से बंद कर दिए गए। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने धाम में उपस्थित होकर इस पावन क्षण का अनुभव किया।
विशाल श्रद्धालुओं की भीड़
चमोली (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध चारधामों में से एक बदरीनाथ धाम के कपाट आज दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। जैसे ही मंदिर के कपाट बंद हुए, बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे और इस पावन समय का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त किया।
भगवान के प्रति श्रद्धा
बंदी के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को करीब 12 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया था, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई। रंग-बिरंगे फूलों की छटा देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
संस्कृति और रिवाज का प्रदर्शन
इस अवसर पर, सेना के बैंड की धुनें गूंज रही थीं और “जय बदरी विशाल” के जोरदार जयकारों से वातावरण में एक अलहदा उत्साह देखने को मिला। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि भावनाओं और श्रद्धा का एक अद्भुत मिश्रण था जो हर किसी को जोड़ता है।
शीतकालीन यात्रा की तैयारियां
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही, शीतकालीन यात्रा का कार्यक्रम भी आरंभ होता है। भक्तजन अब यहाँ आने के लिए न केवल आस्था का प्रदर्शन करते हैं, बल्कि भगवान बदरीविशाल से आवश्यक आशीर्वाद भी प्राप्त करने आते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष अनुभव रहा। उम्मीद है कि अगले वर्ष जब कपाट पुनः खुलेंगे, तो और भी अधिक श्रद्धालु यहाँ धाम का दर्शन करने आएंगे।
आपको बता दें कि बदरीनाथ धाम को केवल धार्मिक मान्यता नहीं, बल्कि यह एक सांस्कृतिक धरोहर भी है। यहाँ हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा भी यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
हालांकि, धाम में आने वाली बारिश और बर्फबारी भी कब से शुरू होगी, इस पर मौसम विभाग के पूर्वानुमान महत्वपूर्ण होंगे। धाम में हर वर्ष बरसात के दौरान भी बड़े श्रद्धालु आते हैं, जिन्हें यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को देखने का अवसर मिलता है।
हमेशा की तरह, इस वर्ष भी धाम को सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे दर्शक और श्रद्धालु यहाँ सुखद यात्रा कर सकें।
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सादर,
टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया, सुमित्रा शर्मा
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