जंगल में तेंदुए का आतंक: मनीष कुमार ने वन विभाग को दिया ज्ञापन, रात में गश्त और कैमरे लगाने का आश्वासन
जंगल में तेंदुए का आतंक: मनीष कुमार ने वन विभाग को दिया ज्ञापन, रात में गश्त और कैमरे लगाने का आश्वासन
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए के बढ़ते आतंक को लेकर ज्येष्ठ प्रमुख मनीष कुमार ने वन विभाग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं का उल्लेख किया है और इस आतंक से निपटने के लिए उपायों का आग्रह किया है।
बागेश्वर जिले में तेंदुए का बढ़ता आतंक
बागेश्वर : बागेश्वर जनपद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों, जैसे कि ग्राम पंचायत खर्कटम्टा, पाटली, चौगावछीना, सैंमधार और बोरगांव में तेंदुए की गतिविधियाँ दिनों-दिन बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस संदर्भ में ज्येष्ठ प्रमुख मनीष कुमार ने प्रभागीय वन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंप कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
ज्ञापन में शामिल मुद्दे
ज्ञापन में मनीष कुमार ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ समय से इन क्षेत्रों में तेंदुओं के वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुएयों की घुसपैठ ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित किया है, और वे बाहर जाने में डरने लगे हैं। मनीष कुमार ने मांग की कि इस समस्या का तत्काल समाधान ढूंढा जाए।
रात्रि गश्त और कैमरे लगाने का आश्वासन
मनीष कुमार ने वन विभाग को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रात्रि गश्त और निगरानी कैमरे लगाए जाएं। इससे वन विभाग को तेंदुओं की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने में मदद मिलेगी और साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
स्थानीय किसानों की चिंताएं
स्थानीय किसान इस स्थिति से चिंतित हैं। कई किसानों ने बताया है कि तेंदुओं के कारण उनकी बकरियों और अन्य जानवरों की जान को खतरा बना हुआ है। इससे ना केवल उनकी आय पर असर पड़ा है, बल्कि वे मानसिक तनाव का सामना भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्दी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
समाधान की आवश्यकता
मनीष कुमार के अनुसार, तेंदुओं की बढ़ती जनसंख्या और उनके द्वारा किए जा रहे हमलों पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए उचित उपाय जरूरी हैं। उनका मानना है कि सरकारी मशीनरी को सक्रिय होकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अंत में
बागेश्वर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। अब यह देखना है कि क्या वन विभाग तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है या नहीं।
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सादर,
Team Discovery Of India (सुमन दत्त)
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