अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर सीबीआई जांच की मांग की
अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस का कैंडल मार्च, सीबीआई जांच की मांग
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी की हत्या के खिलाफ कांग्रेस ने बागेश्वर में कैंडल मार्च निकाला और सीबीआई जांच की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक से गांधी मूर्ति तक ये मार्च किया, जिसमें पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई गई।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
बागेश्वर में कांग्रेस पार्टी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में एक कैंडल मार्च आयोजित किया। इस आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट ने किया। कैंडल मार्च का प्रारंभ शहीद स्मारक से हुआ, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज उठाई। लोगों में आक्रोश था और हर किसी की जुबां पर बस एक ही बात थी: "अंकिता को न्याय दो।"
भाजपा की चुप्पी पर सवाल
मार्च के दौरान, अर्जुन भट्ट ने कहा कि इस मामले में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और पन्ना प्रमुख दोनों ही चुप्पी साधे हुए हैं, जो इस गंभीर मुद्दे को नीति में शामिल करने की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस चुप्पी को तोड़ना होगा। जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, हम चुप नहीं बैठेंगे।"
जनता की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोग सरकार से कोई ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने नारा लगाया, "पीड़िता को न्याय दो!" और कई कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेताया कि यदि सीबीआई जांच नहीं कराई जाती, तो वे आने वाले दिनों में और अधिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह स्पष्ट है कि इस मामले को लेकर जनता के मन में गुस्सा बढ़ता जा रहा है और समाज के हर वर्ग को इस बात की चिंता है कि क्या सच में न्याय मिलेगा?
सीबीआई जांच की जरूरत
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मानना है कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल स्थानीय पुलिस जांच से ही सच्चाई सामने नहीं आएगी। कई लोग मानते हैं कि सीबीआई द्वारा की जाने वाली जांच से इस मामले में उचित और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।
Samajik Impact
अंकिता भंडारी की हत्या ने समाज में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है: क्या महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज गंभीर है? अत्याचार के खिलाफ यह आवाज उठाने वाला मार्च न केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन था, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव की दिशा में भी कदम था।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी की हत्या का मामला केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की मुहिम का प्रतीक बन चुका है। कांग्रेस का यह कैंडल मार्च एक प्रयास है, जो यह दर्शाता है कि जनता अब चुप नहीं रह सकती। न्याय की मांग के साथ, हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
इस मामले में गहन विचार-विमर्श की आवश्यकता है और समाज के हर वर्ग को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। इसके साथ ही, हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नीति निर्धारण से लेकर कार्यान्वयन तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना अनिवार्य है।
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- टीम डिस्कवरी ऑफ इंडिया, प्रिया शर्मा
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