नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों की 20 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी: वार्ड सदस्य चुनाव पर बवाल
नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों की 20 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर के नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने 20 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है। उनकी मांग है कि उन्हें मोहर और बस्ता भी जल्द दिया जाए।
बागेश्वर के ग्राम प्रधानों की समस्या
बागेश्वर में अधिकतर नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को उनकी जिम्मेदारीों के लिए आवश्यक मोहर और बस्ता नहीं मिल पाया है। इसके पीछे मुख्य कारण वार्ड सदस्यों का मानक पूरा नहीं होना है। दरअसल, इन वार्ड सदस्यों के चुनाव के लिए अभी तक आचार संहिता लागू नहीं की गई है, जिससे ग्राम प्रधानों में असंतोष और नाराजगी बढ़ रही है।
चुनाव आयोग की ओर इशारा
ग्राम प्रधानों ने चुनाव आयोग के प्रति कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यदि चुनाव आयोग ने जल्द ही इस विषय पर निर्णय नहीं लिया, तो वो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस संदर्भ में ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे न्यायालय का भी सहारा लेंगे।
आंदोलन की तैयारी
ग्राम प्रधानों ने कहा है कि प्रदेश में पंचायतों के कार्यकाल के अंतर्गत सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूर्ण की जानी चाहिए। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द वार्ड सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए ताकि सभी ग्राम प्रधान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें।
समाज का समर्थन
ग्राम प्रधानों के आंदोलन की तैयारियों को लेकर स्थानीय समुदाय भी उनकी समर्थन में खड़ा है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान न हुआ, तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस संदर्भ में उनका विचार है कि पंचायतों का कार्य सही समय पर होना समाज के लिए आवश्यक है।
संक्षेप में, बागेश्वर में नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों की समस्याएं गंभीर हैं और सही समय पर उचित कदम उठाना अति आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग को अपने कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है।
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Team Discovery Of India
सुमन कुमारी
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